नेपोटिज्म के खिलाफ बोली सोनल चौहान

अपनी डेब्यू फिल्म जन्नत से सोनल चौहान अचानक से इंडस्ट्री पर छा गई थीं। उसके बाद वह काफी समय तक इंडस्ट्री से दूर रहीं और जब उन्होंने वापसी की तो उन्हें वैसे काम नहीं मिला जैसा उन्हें चाहिए था। वह कहती हैं कि जब मैंने जन्नत की तो मैं बिल्कुल नई थी और एक सुपरहिट फिल्म के बाद इंडस्ट्री में खुद को कैसे बनाए रखना है, इसके बारे में मुझे पता नहीं था और न ही कोई मुझे बताने वाला था। मुझे लगता है कि इसके कारण मेरा काफी नुकसान हुआ, जिसके कारण काफी समय तक मैं फ्रस्टेशन में रही।

एक आउटसाइडर के तौर पर आईं सोनल ये भी कहती हैं कि मैं इतनी छोटी थी कि मुझे ये भी पता नहीं चलता था कि कोई अगर मुझसे डबल मीनिंग बात कर रहा है तो उसका मतलब क्या है। या फिर अगर कोई मुझसे बुरी तरह से बात कर रहा है तो मैं कैसे उसे जवाब दूं इसलिए आज जब उस मासूम लड़की के बारे में सोचती हूं जो मैं उस समय थी तो खुद को गले लगाने का मन करता है। इसी के साथ ही इंडस्ट्री में पनपे नेपोटिज्म के बारे में वह कहती हैं कि मुझे नेपोटिज्म से कोई परेशानी नहीं है लेकिन तब बुरा लगता है कि जब फेवरेटिज्म के चक्कर में आपका काम उस इंसान को दे दिया जाता है जो उस लायक भी नहीं होता।

सोनम ने बताया कि उन्होंने कई ऐसी फिल्में करने से मना किया है जो उन्हें अच्छी नहीं लगी लेकिन उनके साथ कई बार ऐसा हुआ कि जिन फिल्मों के लिए उन्हें साइन किया और उन्होंने उनके लिए तैयारी की लेकिन रातोंरात वह किसी और को मिल गई। आपको बता दें कि सोनल इन दिनों अर्जुन के साथ अपनी गाने र्फुसत है आज भी के लिए खबरों में हैं। उनके इस गाने को लोगों ने इतना पसंद किया कि महज 6 दिनों में 11 मिलियन व्यूज मिल गए हैं। इसके बारे में सोनम कहती हैं कि ये गाना हमनें अपने-अपने घरों में शूट किया और इसके लिए हमें 6 दिन का समय लगा जबकि अमूमन एक गाने की शूटिंग में दो या तीन दिन का समय लगता है।

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