कोरोना काल में इन 7 मौकों पर सोशल मीडिया की ताकत से मायूस लोगों के जीवन में आई ख़ुशी

कोरोना संकटकाल में देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार दर्दनाक तस्वीरें सामने आईं. दिहाड़ी मज़दूरों के सामने जहां भुखमरी का संकट पैदा हो गया. वहीं फुटकर और छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई. उनके लिए जीवन यापन करना मुश्किल हो गया. इस सबके बीच कुछ ऐसी कहानियां भी सामने आईं, जिनमें सोशल मीडिया ताकत बना और लोगों की मदद से पीड़ितों का जीवन बदल गया. ताजा उदाहरण दिल्ली का ‘बाबा का ढाबा’ का है.

सोशल मीडिया पर रोते हुए 80 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो सामने आने के बाद लोगों की एक भीड़ ने उसके ढाबे पर पहुंचकर बुजुर्ग की मदद कर उनके चेहरे की मुस्कान लौट दी. ऐसी ही कई अन्य कहानियों का एक संकलन हम आपके लिए लेकर आए हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि लाख बुराईयों के बावजूद लोगों के दिलों में इंसानियत अभी ज़िंदा है! ये कहानियां बताती हैं कि एक छोटी कोशिश आंसू को मुस्कान में बदल सकती है.

  • सोशल मीडिया से बुजुर्ग के चेहरे पर आई मुस्कान

दिल्ली के 80 साल के एक रोते हुए बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो सामने आने के बाद उनके पास मदद के लिए लोगों की भीड़ जुट गई. परिणाम स्वरूप जिस बुजुर्ग की आंखों में आंसू थे, उनके चेहर पर मुस्कान आ गई. वह कहने लगे कि आपकी वजह से मेरा बिजनेस चड़ पड़ा. भगवान आपको खुश रखें. इसी तरह सारे गरीबों की मदद करें. वीडियो में रोते हुए दिख रहे बुजुर्ग मालवीय नगर इलाके में हनुमान मंदिर के सामने ‘बाबा का ढाबा’ नाम से ढाबा चलाते हैं.

कोरोना काल में बुजुर्ग के ढाबे में कोई खाने को नहीं जा रहा है. ऐसे में खाना बनाकर मायूस वह बुजुर्ग अपने ढाबे में बैठे हुए हैं. उनकी आंखों में आसूं भी है. यह वीडियो वायरल होने के बाद गुरुवार को कई लोग उनके ढाबे पर पहुंचे. वहां भीड़ सी जुट गई. लोग पैकिंग का ऑर्डर भी देने लगे. यहां तक कि कुछ लोग कल और परसों तक का ऑर्डर देकर गए.  इस खूबसूरत तस्वीर के पीछे सोशल मीडिया की ताकत और लोगों की इंसानियत ही है.

  • इडली बेचने वाली दादी को गैस सिलेंडर मिल गया

कोयम्बटूर के वदिवेलमपाल की रहने वाली एक 80 साल की कमलाथल अम्मा इडली बनाकर 1 रुपए में बेचती है. इसकी जानकारी आनंद महिंद्रा को हई, तो उन्होंने ट्विटर पर इसकी जानकारी साझा की और मदद की अपील की. यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सरकार तक पहुंच गया.

भारत गैस कोयम्बटूर ने इनके ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, हमने कमलाथल को गैस कनेक्शन दे दिया है. उनके इस कदम की यूज़र्स ने खूब तारीफ़ की. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा था, कमलाथल की भावना को सलाम. खुशी हुई कि लोकल ओएमसी अफ़सर ने एलपीजी कनेक्शन देने में मदद की.

  • भीड़ ने 30 हजार के आम लूटे, जनता ने लाखों रु जुटा दिए

राजधानी दिल्ली से एक कहानी सामने आई थी, जिसमें दिन-दहाड़े एक रेहड़ी वाले के सारे आम लूट लिए गए. रेहड़ी वाले के अनुसार उसके पास 15 आम की पेटियां थीं. जिनकी कीमत 30 हज़ार रुपये थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद लोग इस फलवाले की मदद के लिए आगे आये थे.

देखते ही देखते लोगो ने लाखों रुपए जुटा दिए थे. सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल डडलानी ने भी रेहड़ी वाले छोटू की मदद के लिए बैंक डिटेल की इन्क्वायरी की थी, जिसके बाद NDTV ने डिटेल्स ज़ारी की और कई लोगों ने छोटू की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए थे.

  • पूर्वी लंदन में मौजूद पुराने भारतीय रेस्तरां की रंगत बदल गई

सोशल मीडिया की ताकत ही थी कि पूर्वी लंदन में मौजूद एक पुराने भारतीय रेस्तरां की रंगत बदल गई. इस रेस्तरां के मालिक की बेटी ने सोशल मीडिया पर रेस्तरां की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें रेस्तरां की दुर्दशा का जिक्र करते हुए उसने मदद की अपील की थी.

 

रेस्तरा की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो मदद के लिए लोगों आगे आए और रेस्तरां की तस्वीर ही बदल गई. वहीं सोशल मीडिया द्वारा लोगों की दी जाने वाली इस मदद ने एक बार फिर इंसानियत पर भरोसा कायम कर दिया.

 

  • पानी पुरी बेचने वाले के परिवार के लिए जुटाए 2 लाख रुपए

कोरोना काल में मुंबई के एक पानी पूरी बेचने वाली की मौत हो गई. वह 46 साल से पानी पूरी बेचते थे. ऐसे में उनके परिवार की मदद के लिए उनके ग्राहक आए और एक दिन में 2 लाख रुपये जुटा लिए. इसमें विदेश में बैठे भारतीय भी आगे आए हैं. भगवती यादव मुंबई के नेपेंसी रोड पर पिछले 46 साल से पानी पूरी बेचते थे. उन्होंने ताउम्र स्वाद के साथ इस बात का ख्याल रखा की ग्राहकों की सेहत भी खराब न हो. इसके लिए वह सफाई से लेकर समानों तक पर विशेष ध्यान देते थे.

किन्तु, कोरोना वायरस के इस दौर में वह अपनी सेहत का ध्यान नहीं दे सके. वह कोरोना से संक्रमित हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. लेकिन, उनके ग्राहकों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उनके परिवार की मदद की कोशिश शुरू की. लोगों ने आर्थिक मदद की मुहीम चला दी जो सफल होती दिख रही है.

  • बच्चे की अंडे की रेहड़ी पलटने पर उसे नई रेहड़ी दिला दी गई

मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आई एक कहानी में नगर निगम के अधिकारियों ने एक लड़के की अंडे की रेहड़ी इसलिए पलट डाली थी, क्योंकि उसने उन्हें कथित तौर उन्हें 100 रुपये की रिश्वत नहीं दी. ये ख़बर जैसे ही सोशल मीडिया पर शेयर की गई, इस बच्चे की मदद के लिए लोग सामने आ गए.

सबसे अच्छी बात ये हुई कि लोगों की मदद से लड़के को एक नई रेहड़ी मिल गई है. ये उन कुछ घटनाओं में से एक है, जब सोशल मीडिया या इंटरनेट किसी की मदद के काम आया. बता दें, लड़के ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने सुबह उसकी गाड़ी हटाने या 100 रुपये रिश्वत के रूप में देने की वॉर्निंग दी. जब उसने इनकार कर दिया, तो अधिकारियों ने उसकी रेहड़ी पलट दी और सारे अंडे नीचे गिरा दिए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ.

  • मुंबई के एक सब्जी वाले के लिए एक दिन में 2 लाख जुटाए गए

कुछ वक्त पहले मुंबई के किंग सर्कल के पास की एक तस्वीर सामने आई थी. इसमें सड़क के डिवाइडर पर एक इंसान हताशा में रोता हुआ नज़र आया. उसने एक हाथ में जूते पकड़ रखे हैं और दूसरा हाथ अपने माथे पर रखा हुआ है. यह तस्वीर मुंबई मिरर के फोटो जर्नलिस्ट सचिन हरलकर ने अपने कैमरे में कैद की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तस्वीर में नज़र आ रहे इंसान का नाम अशोक सिंह है. जिसकी उम्र 45 है.

अशोक भेंडी बाजार में सब्जी बेचने का काम करता है. लॉकडाउन के कारण वो पहले से वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था. जैसे-तैसे वह अपने जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा था. तभी भारी बारिश ने मुंबई को अपने आगोश में ले लिया और उसका पूरा काम चौपट हो गया. यह कहानी सोशल मीडिया पर पहुंची तो लोग मदद के लिए आगे आ गए और एक ही दिन में 2 लाख रुपए की मदद राशि जुटा दी.

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