इसलिए बर्ड फ्लू न होने पर भी खुद ही 5 दिन बाद मुर्गों को मार देंगे पोल्ट्री मालिक

नई दिल्ली. एशिया में चिकन (Chicken) की सबसे बड़ी कही जाने वाली गाज़ीपुर मंडी (Ghazipur Mandi) को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है. देश के दूसरे हिस्सों में भी कहीं 7 तो कहीं 8 दिन के लिए चिकन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. देश में हर रोज़ लाखों की संख्या में चिकन खाया जाता है. अकेले गाज़ीपुर मंडी से ही रोज़ाना 5 लाख चिकन बिक जाता है. ऐसे में पोल्ट्री (Poultry) मालिक के सामने इन्हें दड़बों में रखकर दाना खिलाना सबसे बड़ी समस्या है.

यूपी एग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली बताते हैं, “एक मुर्गें या मुर्गी को हर रोज़ 100 से 125 ग्राम तक दाना चाहिए होता है. अगर इतना दाना नहीं दिया तो उसका वजन घटने लगेगा. दाने के रूप में बाज़रा और मक्का दिया जाता है. बाज़रा MSP के हिसाब से 2150 तो मक्का 1800 रुपये से ऊपर ही है.”

पोल्ट्री के जानकार एक फार्म के मालिक अनिल शाक्या का कहना है, “अंडे न बिकने पर भी अंडे देने वाली मुर्गी का खर्च तो पोल्ट्री मालिक 10-15 दिन तक झेल लेता है. लेकिन चिकन को 4-5 दिन से ज़्यादा नहीं खिला सकता है. क्योंकि बाज़ार में 900 ग्राम से लेकर 2500 ग्राम तक का मुर्गा बिकता है. अब दड़बों में रखकर इन्हें दाना खिलाने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि इनका वजन बढ़ेगा. और 1750 ग्राम से ज़्यादा वजन वाला मुर्गा कम ही बिकता है. अगर जहां पर मुर्गों में बर्ड फ्लू नहीं है तो उन्हें बेचने की इजाज़त दी जाए, और अगर जहां है तो फिर प्रशासन उन्हें खत्म करवाए. वर्ना तो 4-5 दिन बाद हमे ही खत्म करने पड़ेंगे.”

एक अन्य पोल्ट्री के जानकार राजेश राजपूत ने बताया, “कोरोना-लॉकडाउन के दौरान भी ऐसे ही हुआ था. मुर्गे-मुर्गियों में कोरोना होने की कोई बात सामने नहीं आई थी. लेकिन अंडा और चिकन की बिक्री बंद हो गई थी. घर बैठाकर दाना कब तक खिलाते, इसलिए जिंदा मुर्गे-मुर्गियां और अंडे ज़मीन पर दबा दिए थे.”

गाज़ीपुर मंडी में रचना पोल्ट्री के नाम से कारोबार करने वाली जमील ने बताया कि आज हम अपनी कुछ इसी तरह की परेशानियों को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया से मुलाकात करने जा रहे हैं.

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