नई सब्जी मंडी में दुकानों की अलोटमेंट की वजह से दुकान के मालिकों को हुई टेंशन

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर(ब्यूरो) हरियाणा की सीएम सिटी की नई अनाज मंडी के मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत और रोजाना सुबह सुबह लगभग ₹50000 की उगाही के चक्कर में लगभग सैकड़ों व्यापारी बर्बादी के कगार पर,, नई सब्जी मंडी मे लाइसेंस के नाम से अलॉटमेंट हुई 2016 में सैंकड़ो दुकानों के मालिक टेंशन की वजह से हो रहे ब्रेन हेमरेज के शिकार, आज फिर सब्जी, फल फरुट के लाइसेंस धारी व्यापारीयो ने कहा की यहां सब्जी बेचने का काम गेहूं ,जीरी के लाइसेंस धारी आढ़तीयो की दुकानों के सामने हो रहा है. इसलिए पीड़ित व्यापारियों के साथ युवा बोलेगा मंच क्रांतिकारी संगठन ने अंधेरी नगरी चौपट राजा के अनुसार प्रशासन की आंखें खोलने के लिए आज पूरा दिन सांकेतिक धरना दिया, सीएम सिटी की नई अनाज मंडी में सरकार द्वारा सब्जी मंडी के नाम से बनाया गया कंपलेक्स और व्यापारियों को दी गई.

सैकड़ों दुकानों के सामने एक संकेतिक धरना दिया गया जिसमें प्रशासन को जगाने के लिए आखरी संघर्ष तक जायज बात मनवाने के लिए आने वाले बुधवार तक अल्टीमेटम दिया गया, अगर प्रशासन ने इस जज्बात को नहीं माना तो इच्छा मृत्यु की इजाजत लेंगे सब्जी मंडी के व्यापारी, ओर सौंप देंगे अपनी दुकानों की चाबी या, चल रहे सांकेतिक धरने में भारतीय किसान यूनियन के प्रभारी रविंद्र काजल ने भी अपने साथियों के साथ पीड़ित व्यापारियों का साथ दिया उन्होंने कहा कि किसानों के बनाए गए सैड में सब्जी बेचने का जो गोलमाल चल रहा है वह निंदनीय है। वहां मौजूद युवा बोलेगा मंच के हरियाणा अध्यक्ष एडवोकेट जेपी शेखपुरा ने कहा कि सांकेतिक धरना दे रहे.

सब्जी मंडी के लाइसेंस धारी व्यापारी खेमचन्द, कृष्ण कुमार, जयपाल ने कहा की 2016 में यानी 4 साल पहले नई अनाज मंडी मे चारदीवारी बनाकर 7,8 एकड में सब्जी मंडी का कंपलेक्स बनाया गया, सैकड़ों व्यापारियों को साठ साठ लाख के प्लाट प्रशासन द्वारा वितरित किए गए, फिर इन सब्जी धारियों ने इन प्लाटों पर लगभग ₹15 लाख खर्च करके अपनी-अपनी दुकानें बना ली, और सब्जी मंडी के तहत सब्जी बेचने का लाइसेंस धारी हो गए, पर जैसे ही शहर के बीच से सब्जी मंडी उठकर आई तो यह सब्जी मंडी असली उस कंपलेक्स में ना जाकर भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से अनाज मंडी जहां गेहूं जीरी की खरीद होती है वहां लगने लग गई, जहां पर खुद 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उद्घाटन करके सब्जी मंडी नव निर्माण कार्य का रिबन काटा तो वह केवल उद्घाटन तक ही सीमित रहा और अधिकारियों की मिलीभगत से सब्जी मंडी दूसरी जगह जो नई अनाज मंडी के सामने 20 बाई 85 की बड़ी-बड़ी दुकानें है वहां पर चलने लग गई, यानी नई अनाज मंडी के तहत बनाई गई दुकानों में सब्जी मंडी की बिक्री का खेल शुरू हो गया, मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए.

चारदीवारी वाले सब्जी मंडी के कंपलेक्स में जब उन व्यापारियों की प्रशासन के तहत कुछ सुनवाई नहीं हुई तो टेंशन में पिछले साल दुकान नंबर 909 और 920 दुकान के सब्जी व्यापारी को ब्रेन हेमरेज हो गया और इस दुनिया से चले गए, सब्जी मंडी कंपलेक्स के तहत अपनी बनाई गई दुकानदारों ने प्रशासन से ड्रोन के द्वारा 2 सीडी भी तैयार करा कर प्रशासन को दी गई ,पर कोई सुनवाई नहीं बनी, पंचायत में मौजूद दीपक, पवन बत्रा कृष्ण शर्मा ने कहा कि जिन अनाज मंडियों की दुकान के सामने सब्जी मंडी लगती है उन जीरी गेहूं खरीदने  वाले आढ़तीयो ने अधिकारियों की मिलीभगत से रिश्वत तहत आढ़ती व्यापारी ने सब्जी खरीदने के लाइसेंस बनवा लिए, लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या 20 या 25 के लगभग और सब्जी खरीदने और बेचने के लाइसेंस की आड़ में लगभग 1000 व्यापारी वहां बैठने लग गए असल में जहां इस समय सब्जी मंडी लग रही है.

वहां दोपहर तक 70 फुट की सड़क जो अनाज मंडी के तहत आती है पूरी तरह से जाम से भरी रहती है. इसके अलावा 1000 के लगभग वो व्यपारी किसानों की सब्जी खरीदने और बेचने के लिए वहां व्यापारी बनकर सब्जी वाले बैठनै लग गया और जैसे ही किसान सब्जी लेकर आता और 15 दिन तक उसका पैसा इकट्ठा हो जाता उन फ्रॉड सब्जी व्यापारियों के पास तो उनमें से एक दो रफूचक्कर हो जाता है यह धोखाधड़ी 2 साल से चल रही है, जीरी और गेहूं के सीजन में तो वहां लड़ाई झगड़े शुरू हो जाते हैं, अनाज मंडी की दुकानों में लगने वाली सब्जी मंडी के तहत मार्केट कमेटी के अधिकारियों की जबरदस्त मौज होती गई यानी गुप्त सूत्रों से पता चला है.

कि ₹50000 की सुबह सुबह उगाई करके मार्केट कमेटी के छोटे कर्मचारी अपने आकाओं को देते हैं, यानी बहुत बड़ा गोलमाल हो रहा है, इसी गोलमाल से लगभग डेढ़ सौ करोड़ की दुकाने जो प्रशासन की है अब तक नहीं बिकी है. इसी गोलमाल का पर्दाफाश करने के लिए और सब्जी मंडी के असली लाइसेंस धारी व्यापारियों की रोजी-रोटी को चलाने के लिए सोमवार को यही सब्जी मंडी में 1 दिन का धरना दिया जाएगा, और फिर भी नहीं जागा तो इच्छा मृत्यु की मांग की जाएगी और सरकार द्वारा दी गई दुकानों की चाबी या प्रशासन को सौंप दी जाएगी, बुधवार को मार्केट कमेटी सक्ट्री के साथ वार्तालाप की जाएगी, अगर इस वार्तालाप में समस्या का समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में आंदोलन तेज कर दिया जाएगा,, पीड़ित व्यापारियों में दीपक, जितेंद्र कादयान, सोनू पवन बत्रा, मनोज, खेमचंद, संजय, राजकुमार, नरेंद्र, पंकज, शेर सिंह.

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