करनाल: गर्भ में लिंग जांच का धंधा करने वाले दलाल एवं आशा वर्कर किरण को रंगे हाथो पकड़ा

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो)  स्वास्थ्य विभाग करनाल पी.एन.डी.टी. एक्ट को लेकर सख्ती से आगे बढ़ रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। बीते 2 महीनो में विभाग की टीम ने एक के एक बाद तीन मामलो में सफल रेड कर गर्भ में पल रहे भ्रुण की जांच करवाने वाले कथित समाज विरोधी तत्वो को पकड़कर उनके खिलाफ उक्त एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करवाए हैं। ताजा मामला 11 जनवरी का है, जिसमें विभाग की एवं रसूलपुर कलां में कार्यरत एक आशा वर्कर की संलिप्तता हैरान कर देने वाली है।

इस घटना की जानकारी देते सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे का अवैध रूप से लिंग जांच करवाने वालो की एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के बाद रेड की एक प्लानिंग की गई और डिप्टी सीएमओ व पी.एन.डी.टी. तथा परिवार कल्याण के नोडल डॉ. नरेश करडवाल, डॉ. नीरू एसएमओ, एमओ डॉ. संजीव चांदना, प्रोजेक्टनिष्ट विक्रम सिंह, लिपिक सुलेख कुमार, राहुल व सुभाष सगवाल की टीम गठित की गई।

इसके बाद एक नकली गर्भवती महिला को विक्रम नाम के दलाल और आशा वर्कर किरण से अल्ट्रा साउण्ड करवाने के लिए मिलवाया। अल्ट्रासाउण्ड में नकली गर्भवती महिला को उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग लड़की बताया।

 रेड को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ. नरेश करड़वाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दलाली में शामिल आशा वर्कर व गर्भवती महिला का पीछा किया गया और उन्हें नागरिक अस्पताल चौक पर रंगे हाथो पकड़ लिया। इस मामले में गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवाने के लिए 25 हजार रूपये में सौदा तय किया गया था, जिसमें से कथित दलाल विक्रम ने 8 हजार रूपये किरण को दिए। टीम द्वारा किरण को पकड़े जाने पर उससे 8 हजार रूपये यानि 500-500 रूपये के 16 नोट बरामद कर लिए गए और लिस्ट से मिलान करने पर वही नोट पाए गए, जो टीम द्वारा नकली गर्भवती महिला को दिए गए थे।

डॉ. करड़वाल ने आगे बताया कि दलाली में शामिल किरण से जब पूछताछ की गई, तो  उसने बताया कि नकली गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउण्ड शहर के सेक्टर-14 स्थित टैगोर अस्पताल में करवाया था। इस पर विभाग की टीम गर्भवती महिला व किरण दलाल को लेकर टैगोर अस्पताल गई और वहां अल्ट्रासाउण्ड रिकॉर्ड का निरीक्षण किया।

निरीक्षण करने पर पाया गया कि नकली गर्भवती महिला का उक्त अस्पताल में ही अल्ट्रासाउण्ड किया गया था, जो एक डॉक्टर ने दलाल द्वारा दी गई एक फर्जी आई.डी. पर किया। इसके बाद अस्पताल की अल्ट्रासाउण्ड मशीन को सील कर दिया गया और टीम ने अस्पताल के रजिस्टर व दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए, ताकि भ्रुण लिंग जांच बारे अस्पताल की संलिप्तता की छानबीन की जा सके।

 डॉ. नरेश करड़वाल ने बताया कि टीम द्वारा मौके पर कार्रवाई करते हुए सभी सम्बंधित के ब्यान लिए गए और सिविल लाईन थाना में पी.एन.डी.टी. एक्ट व आई.पी.सी. की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दलाल किरण तथा विक्रम के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवा दी गई। भ्रुण जांच करवाने के धंधे का मुख्य आरोपी व एजेंट विक्रम फरार बताया गया है, जिसे पकडऩे के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।

इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पी.एन.डी.टी. व एम.टी.पी. एक्ट की उल्ंघना करने वालो के विरूद्ध पैनी नजर रखे हुए है। सूचनाओं के आधार पर कथित लोगों के खिलाफ रेड कर उन्हें पकड़ा जा रहा है, ताकि गर्भ में कन्या भ्रुण को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इन उपायो से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को सफल बनाने के साथ-साथ जिले के लिंगानुपात मेें भी सफलता मिलेगी।

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