फीस बढ़ाने और आदेशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर लगेगा इतना जुर्माना

कोरोना लॉकडाउन के बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए अभिभावकों से फीस ले सकते हैं, लेकिन इसे बढ़ा नहीं सकते। गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले के स्कूलों के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए।

जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए एक नोटिस के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर जिले में स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए फीस तो ले सकते हैं, लेकिन कोई भी स्कूल इस दौरान फीस में वृद्धि नहीं करेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन की अवधि में जब तक स्कूल बंद हैं तब तक ट्रांसपोर्ट फीस माफ कर दी है।

प्रशासन ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा के स्कूलों के संबंध में क्या करना है और क्या नहीं इससे जुड़े सभी तरह के भ्रम को भी स्पष्ट कर दिया है।

  1. क्या स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए फीस ले कर सकता है?

जवाब : हां

  1. लॉकडाउन अवधि के दौरान शिक्षकों को वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए?

जवाब : हां

  1. क्या स्कूल 2019-20 की तुलना में शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए फीस बढ़ा सकते हैं?

जवाब : नहीं। राज्य सरकार ने 27 अप्रैल को निर्देश दिया कि कोई भी स्कूल शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए फीस में वृद्धि नहीं करेगा। इसके अलावा अगर किसी अभिभावक ने बढ़ी हुई फीस जमा की है तो उसे बाद के महीनों में समायोजित कर दिया जाएगा।

  1. क्या लॉकडाउन के दौरान स्कूल ट्रांसपोर्ट फीस ले सकता है?

जवाब : नहीं। राज्य सरकार ने 21 अप्रैल को लॉकडाउन की अवधि के लिए ट्रांसपोर्ट फीस माफ कर दिया है जब तक स्कूल बंद हैं।

  1. क्या स्कूल अभिभावकों से एडवांस फीस / तीन माह की फीस का भुगतान करने के लिए बाध्य कर सकते हैं?

जवाब : नहीं। राज्य सरकार ने 7 अप्रैल को सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे तीन माह की फीस की मांग नहीं करेंगे। इसके बजाय, स्कूल मासिक आधार पर फीस लेंगे।

  1. क्या लॉकडाउन की अवधि के दौरान फीस जमा नहीं करने पर स्कूल किसी छात्र का नाम काट सकता है?

जवाब : नहीं। राज्य सरकार ने 7 अप्रैल को निर्देश दिया है कि कोई भी स्कूल फीस जमा नहीं करने पर किसी भी छात्र को स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य नहीं करेगा।

  1. क्या स्कूल ऑनलाइन टीचिंग से छात्र को मना कर सकता है?

जवाब : नहीं। स्कूल छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने से नहीं रोक सकते।

  1. यदि कोई स्कूल सरकार के आदेशों का उल्लंघन करता है, तो शिकायत कहां की जाए?

जवाब : सचिव / डीआईओएस, जिला शुल्क विनियमन समिति [email protected] पर। यूपी स्व-वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत मामले की सुनवाई की जाएगी।

  1. शिकायत के मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?

जवाब : धारा 8 (4) (बी) के अनुसार शिकायत प्राप्त होने और जांच करने पर सरकार के गैर-अनुपालन के लिए स्कूल अधिकारियों की सुनवाई के बाद यदि कोई छात्र या अभिभावक या अभिभावक-शिक्षक संघ, जिला शुल्क नियामक समिति आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

  1. आदेशों के उल्लंघन पर क्या जुर्माना लगाया जा सकता है?

जवाब : A .छात्रों से तय फीस से अधिक वसूलने पर पहली बार के लिए एक लाख रुपये जुर्माना लगाने के साथ ही अतिरिक्त फीस वापस करनी होगी।

  1. दूसरी बार के लिए जुर्माना- अतिरिक्त फीस की वापसी के साथ पांच लाख रुपये अर्थ दंड।
  2. तीसरी बार के लिए जुर्माना – संबंधित बोर्ड से मान्यता रद्द करने और एक निश्चित अवधि के लिए डेवलपमेंट फंड वापस लेने की अनुमति जैसी कार्रवाई की जा सकती हैं।

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