जमीन बेचकर मां ने काबिल बनाया था बेटा, चंद पैसों के लालच में देशभक्ति भूल गया सौरभ

सेना संबंधी खुफिया सूचनाएं देने के आरोप में एटीएस ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बिहुनी निवासी एक पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि खुफिया सूचनाएं देने की एवज में पूर्व सैनिक के खातों में पाकिस्तान हैंडलर के माध्यम से धनराशि भेजी गई है।

सौरभ शर्मा

पूर्व सैनिक मई 2020 में बीमारी के कारण नौकरी छोड़कर घर आ गया था। टीम ने गिरफ्तारी लखनऊ से दिखाई है जबकि परिजन के अनुसार टीम के सदस्य पूछताछ के बहाने उसे मेरठ बुलाकर ले गए जहां गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ लखनऊ में संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सौरभ शर्मा

सौरभ शर्मा के पिता की मौत करीब 20 साल पहले हो चुकी थी, इसके बाद उसकी माता मधु शर्मा ने जमीन बेचकर किसी तरह अपने बेटे को सेना में भर्ती कराया। सौरभ तीन भाईयों में बीच का है, उसके दादा दरोगा थे, इन्हीं की प्रेरणा से वह फौजी बना था। बिहूनी निवासी स्वर्गीय ओमदत्त शर्मा के तीन बेटों में सौरभ शर्मा बीच का है। परिवार के पास किसी समय गांव से सटी 9 बीघा जमीन थी। वर्ष 2013 में सौरभ भारतीय सेना में भर्ती हुआ। इस दौरान उसकी मां ने बेटे को काबिल बनाने के लिए वह जमीन भी बेच दी थी।

सौरभ शर्मा का परिवार

सेना में करीब सात साल नौकरी करने के बाद सौरभ वीआरएस लेकर गांव लौट आया, बताया गया है कि वह किडनी की बीमारी से पीड़ित था। गांव वालों को कतई यकीन नहीं था कि सौरभ इस तरह की वारदात से जुड़ा होगा। पूरा गांव ही उनका मान सम्मान करता था और सौरभ का परिवार भी सभी को सम्मान देता था। लेकिन पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का धब्बा लगने से पूरा परिवार शर्मसार हो गया है। हालांकि उसकी मां मधु का कहना है कि उसका बेटा निर्दोष है। वह किसी तरह की घटना में संलिप्त नहीं है।

सौरभ शर्मा

पैसों के लालच में देशभक्ति भूल गया सौरभ

चंद पैसों के लालच ने पूर्व सैनिक सौरभ पर बड़ा दाग लगा दिया है। उसके गांव के लोग भी अचरज में हैं। देश सेवा के लिए सेना में भर्ती हुआ जवान कैसे देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया गांव वाले इस पर चर्चा कर रहे हैं। गढ़ क्षेत्र के गांव बिहूनी निवासी सौरभ शर्मा ने अपने पिता की मौत के बाद देश की सेवा करने का फैसला लिया था, जिसके लिए वह सात साल पहले सेना में भर्ती हो गया था। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के चलते सौरभ के परिजन सेना में नौकरी कराने में खुश नहीं थे, जिसके चलते सौरभ ने मई 2020 में सैना की नौकरी को त्याग पत्र दे दिया था।

सौरभ शर्मा के गांव का हाल

जिसके बाद आर्मी संबंधित जानकारी होने का सौरभ ने गलत प्रयोग करना शुरु कर दिया, जिसका खुलासा यूपी एटीएस ने किया है। सख्ती से पूछताछ में कबूलते हुए बताया कि वह सेना की नौकरी छोडने के बाद सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी समेत अन्य देशों में भेजता है

इसके अलावा सौरभ ने पूछताछ में बताया कि वह व्हाटसएप के जरिए पैसों के लालच में महिला को जानकारी उपलब्ध कराता था। जिससे क्षेत्र में सौरभ के लिए तरह तरह की चर्चा बनी रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उसकी गतिविधियों से उन्हें कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ लेकिन गांव के लोग यह जानकारी मिलने से आहत हैं।

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