पाकिस्तान जेल में मारे गए सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का निधन, भाई को भारत लाने के लिए लगा दी थी पूरी जान

जासूसी करने के आरोप में पाकिस्तान की जेल में मारे गए भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह (Sarabjit Singh) की बहन दलबीर कौर का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि 60 साल की दलबीर कौर का निधन (Cardiac Arrest) की वजह से हुआ है.

उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने चेक करके उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनका अंतिम संस्कार आज पंजाब के भिखीविंड में किया जाएगा. बता दें कि सरबजीत सिंह को 1991 में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने जासूसी करने के लिए मौत की सजा सुनाई थी और 9 साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी.

दलबीर कौर ने अपने भाई को जेल से छुड़ाने के लिए काफी प्रयास किए थे और भारत से लेकर पाकिस्तान में लंबा संघर्ष किया था. इसके बावजूद अप्रैल 2013 में लाहौर जेल में कैदियों द्वारा हमला किए जाने के बाद सरबजीत की हत्या कर दी गई थी. सरबजीत में कोर्ट में अपनी पेशी के दौरान कहा था कि वह एक किसान है और बॉर्डर के पास ही रहता है. उनके मुताबिक, वह गलती से पाकिस्तान में चले गए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद उनको फांसी की सजा सुनाई गई थी.

सरबजीत सिंह के ऊपर बॉलीवुड में बन चुकी है फिल्म

दलबीर कौर राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी हैं. वह 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं थीं. उनके भाई के ऊपर बॉलीवुड में एक फिल्म भी बन चुकी है. इस फिल्म मेंसरबजीत सिंह का किरदार रणदीप हुड्डा ने निभाया था जबकि उनकी बहन दलबीर कौर का किरदार ऐश्वर्या राय ने किया था. साल 2016 में रिलीज हुई इस फिल्म में रणदीप हुड्डा के काम की सभी ने जमकर तारीफ की. बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए रणदीप ने 28 दिनों के अंतराल में 18 किलो वजन कम किया.

भाई की तीसरी पुण्यतिथि पर रणदीप के लिए क्या बोलीं थी दलबीर कौर

इस फिल्म के रिलीज के बाद सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने इच्छा जाहिर की थी उनके मरने के बाद रणदीप हुड्डा उन्हें कंधा दें. उन्होंने यह सरबजीत सिंह की तीसरी पुण्यतिथि के मौके पर कही थी. तब उन्होंने रणदीप हुड्डा को लेकर कहा था, ‘मेरी इच्छा है कि जब मेरी मौत हो तो वह मुझे कंधा दें. मैं उससे यह वादा चाहती हूं. इससे मेरी आत्मा को शांति मिलेगी कि सरबजीत ने मुझे कंधा दिया. मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात है कि मुझे मेरा भाई रणदीप मिला. वह फिल्म में सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि मेरा भाई भी है. 

Advertisement