रोहतक नगर निगम को मिलेगा एक लाख का इनाम, जाने क्या है वजह

रोहतक। हरियाणा की सियासी राजधानी एक फिर चर्चा में है क्योंकि रोहतक नगर निगम को एक लाख का इनाम मिलने जा रहा है। ये इनाम इस वजह से दिया जा रहा है क्योंकि रोहतक देश के 101 शहरों में प्रथम रहा है।

बता दें रोहतक नगर निगम को टॉपोग्राफी एवं कैडस्ट्रेल (स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और कैडस्ट्राल) सर्वे में देश के अंदर पहला स्थान मिला है। इसके लिए केंद्र के आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की तरफ से हुडको (आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड) अवॉर्ड दिया जाएगा। इसमें 1 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाता है। निगम ने छह साल की मेहनत के बाद 139.50 वर्ग किलोमीटर में फैले रोहतक शहर का भौगोलिक कंप्यूटराइज खाका तैयार कर लिया है, जिसे गूगल की तरह समय-समय पर अपडेट किया जाता है।

हरसैक हिसार की मदद से साल 2014 में तत्कालीन डीसी एवं निगम आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल के प्रयास से प्रदेश के अंदर रोहतक नगर निगम में पहली जियो लैब स्थापित की गई। इस लैब के माध्यम से निगम ने हरसैक के सैटेलाइट की मदद से पूरे रोहतक शहर का खाका तैयार किया। इसमें निगम के पूर्व डीटीपी केके वार्ष्णेय का अहम योगदान रहा। उनके बाद अब एटीपी तिलक कुमार इसे संभाल रहे हैं। डाटा तैयार करने के लिए ड्रोन से लेकर विशेषज्ञ टीमों की भी मदद ली गई। निगम के पास न केवल पूरे शहर का भौगोलिक तरीके से रिकार्ड है, बल्कि यह भी पता है कौन सी बिल्डिंग कहां पर है। इससे निगम को न केवल प्रॉपर्टी आईडी बनाने, बल्कि विकास शुल्क तय करने में भी मदद मिल रही है।

हडको की तरफ से 10 श्रेणियों में आवेदन मांगे गए थे, जिनके लिए फरवरी 2020 में 101 शहरों ने भाग लिया था। इसमें शहरी शासन, आवास शहरी गरीब एवं ढांचा, शहरी यातायात, पर्यावरण प्रबंधन, शहरी ढांचा व योजना और पुर्नवास व स्वच्छता शामिल हैं। रोहतक निगम को शहरी शासन की श्रेणी में शामिल किया प्रथम स्थान दिया गया है।

निगम ने  लालडोरा एरिया, 1954 की नगर पालिका की सीमा, 2001 की नगर परिषद की सीमा, निगम की मौजूदा सीमाएं, कंट्रोल एरिया, वार्ड वाइज सीमाएं,  टीपीएस योजना के तहत एरिया, रिहेबिटेशन कॉलोनी, औद्योगिक एरिया, 2004 व 2013 में वैध हुई कालोनी, हुडा सेक्टर एरिया, नगर सुधार मंडल एरिया, नगर निगम की जमीन की लोकेशन व खसरा नंबर, एमडीयू, पीजीआईएमएस से लेकर नए व पुराने शहर का भौगोलिक क्षेत्र, पार्क, कैनाल, सीवरेज व पेयजल लाइन, वाटर टैंक, रोड, ड्रेन व रेलवे लाइन आदि रिकॉर्ड भौगोलिक तरीके से अपलोड किया था।  इससे शहर को  प्रॉपर्टी की आधिकारिक लोकेशन, प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क निर्धारण में मदद, भविष्य की प्लानिंग के लिए आधिकारिक भौगोलिक ढांचा, वार्ड, कालोनी, धार्मिंक स्थान से लेकर सड़क, गली, सीवरेज व पेयजल लाइन की लोकेशन आदि का काफी फायदा मिलेगा।

नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा ने कहा कि नगर निगम रोहतक को स्वच्छता सर्वेक्षण में देशभर में 35वां स्थान हासिल किया था। अब केंद्र के आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की तरफ से हुडको (आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड) द्वारा टॉपोग्राफी व कैडस्ट्राल (स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और कैडस्ट्राल) सर्वे में देशभर में पहला स्थान दिया गया है। निगम के पास शहर के एरिया का आधिकारिक तौर पर भौगोलिक रिकार्ड है, जिसका प्रयोग प्लानिंग से लेकर वर्तमान आवश्यकताओं के लिए किया जाता है।

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