सब्जियों के बाद महंगा होने लगा दाल चावल से लेकर आटा तेल तक, इतने रुपये बढ़ गए दाम

नई दिल्ली. महंगी दालों और सब्जियों ने पहले ही आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ रखा था. ऐसे में साल के शुरुआती महीने जनवरी में तेल (Oil), चावल (Rice), और चाय पत्ती (Tea) के दामों में भी इजाफा देखने को मिला है. उपभोक्ता मंत्रालय अपनी वेबसाइट पर नए दामों की लिस्ट जारी करते हुए ये जानकारी शेयर की है. खुदरा बाजार में इस दौरान केवल आलू, टमाटर और चीनी के भाव गिरे हैं.

पिछले कुछ दिनों से डीजल के दाम में भी तेजी से उछाल से देखा गया. जिसके चलते डीजल ऑल टाइम हाई पर है. अगर डीजल के दाम और अधिक बढ़ते हैं तो ट्रांसपोर्टरों द्वारा भाड़ा भी और बढ़ाया जा सकता है. जिससे महंगाई और अधिक बढ़ सकती है.

तेल के दाम में इतने रुपये का इजाफा- उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए खुदरा केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2021 की तुलना में 22 जनवरी 2021 को पैक पाम तेल 107 रुपये से बढ़कर करीब 112 रुपये, सूरजमुखी तेल 132 से 141 और सरसों तेल 140 से करीब 147 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. वनस्पति तेल 5.32 फीसद महंगा होकर 105 से 110 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया.

दालों के दामों में हुआ मामूली इजाफा- अगर दालों की बात करें तो अरहर यानी तूअर की दाल में मामूली इजाफा हुआ है. अरहर दाल 103 रुपये किलो से करीब 104 रुपये पर पहुंच गई है. उड़द दाल 107 से 109, मसूर की दाल 79 से 82 रुपये पर पहुंच चुकी है. मूंग दाल 104 से 107 रुपये पर चली गई है. चावल में 10.22 फीसद का उछाल आया है. 34 से अब यह करीब 38 रुपये हो गया है.

चाय की कीमतें बढ़ने की वजह- अगर चाय की बात करें तो इसके भाव थमने का नाम नहीं ले रहे. खुली चायपत्ती इस समयावधि में 9 फीसद बढ़कर 246 से 269 रुपये पर पहुंच गई है. वहीं पैकिंग वाली चायपत्ती पर प्रति किलो 50 से 150 रुपये तक दाम बढ़े हैं. प्रिमियम कैटेगरी की चाय में 300 रुपये से ऊपर वाली खुली पत्ती के दाम भी करीब डेढ़ गुना हो गया है.

बढ़ सकते हैं इन चीजों के भी दाम- साबुन, दंतमंजन जैसे सामान पर आपकी जेब ढीली हो सकती है. इनका उत्पादन करने वाली कंपनियां कच्चे माल के दाम बढ़ने की वजह से अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहीं हैं. इनमें से कुछ कंपनियों ने तो पहले ही दाम बढ़ा दिये हैं, जबकि कुछ अन्य करीब से स्थिति पर नजर रखे हुये हैं और मामले पर गौर कर रहीं हैं.

Advertisement