श्रमिक ट्रेनों के लिए रेलवे का बड़ा कदम, अब नहीं होंगे क्वारंटाइन कोच

अंबाला । कोरोना से निपटने के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर के कोचों को अब श्रमिक ट्रेनों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। कोरोना मरीजों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए अंबाला रेल मंडल ने 70 कोचों को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया है। इसके अलावा फिरोजपुर मंडल ने भी दिल्ली के लिए कोचों को रवाना किया है। राज्य सरकारों के डिमांड के अनुसार इन कोचों को संबंधित राज्यों में भेजा जा रहा है।

डिमांड नहीं होने पर श्रमिक ट्रेनों में इस्तेमाल किए गए थे क्वारंटाइन कोच

अंबाला रेल मंडल ने उत्‍तर प्रदेश सरकार की डिमांड पर भी 10 कोच सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर खड़े कर दिए हैं। श्रमिक ट्रेनों से इन स्पेशल कोचों को हटाकर वापस जगाधरी वर्कशॉप भेजा जा रहा है, ताकि उनको फिर से कोविड केयर सेंटर कोच में तब्दील किया जा सके। रेल मंत्रालय ने 215 स्टेशनों पर कोविड केयर सेंटर स्पेशल ट्रेन खड़ी की थी, जिनमें हरियाणा व पंजाब के 11 स्टेशन शामिल हैं।

कोरोना योद्धा की भूमिका में होंगे डाक्टर

ट्रेन कोच में बने कोविड केयर सेंटर में रेलवे के 87 डाक्टर भी कोरोना योद्धा की भूमिका में नजर आएंगे। इन स्पेशल ट्रेन में व्यवस्थाओं को लेकर गृह एवं स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खास बात यह कि इसमें कोरोना पॉजिटिव के अलावा संदिग्ध सहित अन्य वर्ग के मरीजों को भी रखा जाएगा। इसमें संदिग्ध व पॉजिटिव कोरोना मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा।

इन राज्यों में इतने स्टेशन व डाक्टर रहेंगे उपलब्ध

हरियाणा में अंबाला कैंट, रेवाड़ी, हिसार और भिवानी में कोविड केयर सेंटर स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था है। इसमें सिर्फ अंबाला कैंट में रेलवे के डाक्टरों की व्यवस्था रहेगी। इसी तरह पंजाब के सात रेलवे स्टेशनों पर डाक्टरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी रेलवे के डाक्टर अपनी सेवाएं देंगे।

श्रमिक ट्रेनों में कोच कम पड़े तो इस्तेमाल हुए क्वारंटाइन कोच

कामगारों को उनके गृह जिला तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को शुरू किया गया था। इन ट्रेनों में कोच कम पड़े तो रेलवे ने क्वारंटाइन कोच को इन श्रमिक ट्रेनों का हिस्सा बना दिया। अब कोविड 19 के केसों को देखते हुए इन श्रमिक ट्रेनों से क्वारंटाइन कोच हटाए जाएंगे।

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