PTI टीचर्स ने शिक्षा मंत्री के काफिलें को रोका, गाड़ी के आगे लेटे कपड़े फटे

कैथल : आज शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर कैथल महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय में एक हवन कार्यक्रम में पहुंचे थे जहाँ पर कोर्ट के फैसले के बाद निकाले गए पीटीआई टीचर्स ने उनका घेराव किया और काफिले को रोकने की कोशिश की। इस झड़प दौराव कई टीचर्स को चोटें आई और महिला टीचर्स के कपड़े भी फटे। शिक्षा मंत्री की गाडी के आगे टीचर्स लेट गए जिन्हे पुलिस ने जबरन खींचकर दूर किया।

इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से से मिला भी था लेकिन कोई सही आश्वाशन ना मिलने से टीचर्स ने घेराव का रास्ता अपनाया। टीचर्स के प्रदर्शन को देखकर शिक्षा मंत्री ने दूसरे दरवाजे से निकलने की कोशिश की लेकिन टीचर्स उनकी गाड़ी के आगे लेट गए और कुछ टीचर्स गाडी के शीशों पर लटक गए जिससे कई टीचर्स को चोटें आई और कई महिला टीचर्स के कपड़े भी फ़टे।

सरकार हमारे साथ ज्यादती कर रही

पीटीआई टीचर्स ने कहा की सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है और जिन कोर्ट के फैसले का हवाला दे रही है ऐसे कई कोर्ट के फैसले सरकार के खिलाफ भी आए उनको सरकार क्यों नहीं मानती। महिला टीचर्स ने शिक्षा मंत्री को अनपढ़ तक कह डाला और डिग्री दिखाकर हमारे साथ टेस्ट दे व पास होकर दिखाए। उन्होंने ये तक कह की सरकार चाहे तो क्या नहीं कर सकती। हम सभी एक नियमित भर्ती के तहत लगे हैं लेकिन सरकार हमारे साथ ज्यादती कर रही है क्योंकि हमे पर्मानेंट  लगे हुए 10 साल हो गए अब हम कहा जाएँ। इससे पहले शिक्षा मंत्री हवन में शामिल हुए और संस्कृत विश्वविद्यालय के स्टाफ से मुलाकात की थी।

 सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कुछ नहीं कर सकती सरकार

प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज वह कोरोना महामारी को लेकर कॉलेज द्वारा करवाए गए यज्ञ हवन यज्ञ में पहुंचे हैं वही पीटीआई टीचरों के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि इनको सरकार ने नहीं हटाया बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और उसमें सरकार कोई दखलंदाजी नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी दलील दी है कि सारे नियमों को ताक पर रखते हुए इनकी भर्ती की गई है इसलिए इनको हटाया गया है।  सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करना सरकार की जिम्मेदारी भी है और सरकार बाध्य भी है। वहीं प्राइवेट स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस दोगुनी ले जाने को लेकर कहा कि उनको इसकी जानकारी नहीं है अगर इस तरह की कोई सूचना है तो वह सरकार को दे उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी।

स्कूल खोलने को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभी सरकार इसके लिए तैयार नहीं है और जिस तरह कोरोना महामारी कम होगी उसको लेकर फैसला लिया जाएगा तभी स्कूल खोले जाएंगे फिलहाल इस तरह की कोई सूचना स्कूलों को नहीं भेजी गई है।  परिस्थितियों को देखकर स्कूल खोले जाएंगे।

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