हरियाणा में शुरू हो गई पंचायत चुनावों की तैयारी, आएगा महिलाओं का राज, पढिये पूरी खबर

चंडीगढ़। हरियाणा में पंचायत चुनाव फरवरी में हो सकते हैं। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव के बैलेट पेपर की प्रिंटिंग के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर नोटिस के अनुसार बैलेट पेपर की प्रिंटिंग निकट भविष्य में आयोजित होने वाले सामान्य पंचायत चुनाव के लिए जरूरी है इसलिए अल्प अवधि नोटिस जारी किया गया है। इससे पहले जनवरी के अंतिम सप्ताह में पंचायत चुनाव होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

बता दें स्थानीय निकायों का चुनाव कराने के बाद अब राज्य चुनाव आयोग पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। हरियाणा सरकार पहले ही पंचायत चुनाव को समय पर करवाने के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। हरियाणा निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों के लिए बैलेट पेपर की प्रिंटिंग के टेंडर जारी कर दिए हैं। जिसके लिए नोटिस जारी किया गया है। पंचायत चुनाव के लिए पंच और पंचायत समिति के सदस्यों और जिला परिषदों के संबंध में लगभग दो करोड़ बैलेट पेपर प्रकाशित करवाए जाएंगे।

मौजूदा पंचायतों, ब्लाक समिति व जिला परिषदों का कार्यकाल फरवरी में खत्म होगा। 24 फरवरी से पहले इन संस्थाओं के चुनाव करवाए जाने जरूरी हैंं। हरियाणा सरकार हाल ही में पंचायती राज कानून में संशोधन करके महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का फैसला कर चुकी है। सरपंचों के पद में यह आरक्षण लागू होगा। प्रदेश की कुल करीब 6200 ग्राम पंचायतों में से 3100 में महिलाओं का राज होगा। पंचों, ब्लाक समितियों व जिला परिषद में पहले की तरह महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण ही लागू रहेगा। सरपंची में आरक्षण का फैसला ‘ड्रा’ के जरिये होगा। इसके लिए सभी जिलों के डीसी को निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

महिलाओं को यह आरक्षण ‘आड-ईवन’ के फार्मूले के तहत दिया जा सकता है। यानी इस बार पांच वर्षों के लिए अगर आड नंबर की ग्राम पंचायतों में सरपंच महिला बनती हैं तो फिर पांच वर्षों बाद होने वाले चुनावों में ईवन नंबर की पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। विकास एवं पंचायत विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को यूनिक आइडी नंबर दिया हुआ है। इसी तरह से पिछड़ा वर्ग की ‘बी’ कैटेगरी के लिए भी पंचायतों में 8 प्रतिशत आरक्षण का कानून गठबंधन सरकार बना चुकी है।

हरियाणा में 22 जिला परिषदों के अलावा 147 पंचायत समितियों का गठन होना है। जिला परिषद चेयरमैन व ब्लाक समिति के अध्यक्ष का फैसला चुने हुए पार्षद ही करेंगे। इसी तरह से करीब 6200 पंचायतों में सरपंचों और इन गांवों के करीब साढ़े 60 हजार पंच पदों के लिए चुनाव होंगे। जिला परिषद, ब्लाक समिति तथा सरपंच पद के उम्मीदवार के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य है। इसी तरह से सामान्य श्रेणी के पंचों के लिए आठवीं पास होना जरूरी है। अनुसूचित जाति व महिला पंचों के लिए पांचवीं पास होना अनिवार्य है।

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