दिल्ली में धार्मिक स्थल खोलने की तैयारी पूरी, सरकार करेगी कल फैसला

राजधानी में आठ जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना संक्रमण के बीच एहतियात के साथ भक्तों को धार्मिक स्थलों में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। हालांकि दिल्ली के धार्मिक स्थल आठ से खुलेगा या नहीं इसे लेकर प्रबंधन सरकार के दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहा है। संभावना है कि 7 जून को दिल्ली सरकार गाइडलाइन जारी कर सकती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजियोर (एसओपी) आने के बाद होटल, मॉल्स, धार्मिक स्थल प्रशासन अपने स्तर पर खोलने की तैयारी कर रहे है। सैनिटाइजेशन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्किंग, थर्मल जांच समेत तमाम उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि कंटेनमेंट जोन के धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

अक्षरधाम मंदिर भी 15 जून तक नहीं खुलेगा। मंदिर के प्रशासक जनक भाई दवे ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एक सप्ताह तक अभी तैयारी करेंगे। फिर तय करेंगे कि मंदिर परिसर को खोला जाए या नहीं।

दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में भी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार तमाम तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि हम सरकार के दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी सभी गुरुद्वारों को सैनिटाइज कर रहा है। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट का प्रावधान होगा। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश का पालन किया जाएगा।

उधर, फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम ने लोगों से अपील की है कि अगले दो-तीन महीने तक इन स्थलों से दूरी बना कर ही रखे तो बेहतर है। मुफ्ती मुर्करम ने कहा है कि इस्लाम में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सबसे पहले अपने स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सिलवर व हरे रंग का मार्क किया गया है।

दिल्ली के चर्च को भी खोलने की तैयारी है ताकि वहां प्रार्थना सभा में लोग शरीक हो सकें। शक्ति मंदिर प्रबंधन समिति के संतोष पाठक का कहना है कि मंदिर खुलने का समय सुबह 7 से 10 व शाम 6 से 8 बजे तक ही रहेगा। कालीका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही मंदिर खोलने की पूरी तैयारी है।

 

Advertisement