‘प्रार्थना करता हूं, तू बर्बाद रहे हमेशा’, सिपाही ने ये लिख कर क्यों की खुदकुशी!

constable suicide

यूपी के बुलंदशहर के भूड़ चौराहे पर स्थित एक होटल में फंदे से लटककर आत्महत्या करने वाले सिपाही के पास से पांच पन्नों के सुसाइड नोट मिले हैं। जिनमें एक पत्र उसने अपनी पत्नी के नाम लिखा है। जबकि, एक पत्र ‘अंतिम इच्छा’ जताते हुए एसएसपी और पुलिस परिवार के लिए लिखा गया है।

constable suicide

साथ ही एक पत्र में आरोपी महिला सिपाही को संबोधित करते हुए उसके द्वारा किए गए कृत्यों का उल्लेख किया गया है। जबकि, दो पन्नों में अन्य बातें लिखी गई हैं। सुसाइड नोट पढ़कर उनके साथियों की आंखों में भी आंसू नजर आए।

पत्नी को लिखे पत्र के अंश

पत्नी को संबोधित करते हुए सुनील ने पत्र में लिखा है कि वह हमेशा उसे चरित्रवान समझती थी, लेकिन यह सच नहीं है। डायल 112 पर तैनात महिला कांस्टेबल पूजा उसे तंग कर रही है, जो वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। उसने जीने की बहुत कोशिश की, लेकिन महिला आरक्षी द्वारा बार बार धमकी दी जा रही है। बहुत डर चुका हूं, न खा पा रहा हूं और न ही पी पा रहा हूं।

जांच करती पुलिस

मेरी मृत्यु मेरे हाथों जरूर हो रही है, लेकिन यह समझ लेना यह कदम आरोपी महिला आरक्षी के द्वारा उठवाया जा रहा है। मैं बहुत दुखी हूं, यह समझ लो कि मैं तुम सबको छोड़ कर जा रहा हूं। मैं बहुत भय में जी रहा हूं। मैं आरोपी महिला के अत्याचारों से बहुत ही दुखी हूं। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं, बच्चों का ख्याल रखना।

‘प्रार्थना करता हूं, तू बर्बाद रहे हमेशा’

मृतक सिपाही का फाइल फोटो

मृतक सिपाही सुनील ने एक पत्र में आरोपी महिला आरक्षी को संबोधित करते हुए बहुत से आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि मैं चरित्रहीन बिल्कुल नहीं हूं। तुझसे अपनी इज्जत खराब करा लूं, उससे बेहतर है मैं खुद ही मर जाऊं। मैं तुझसे तंग आ गया हूं, इसलिए मैं मर रहा हूं। यह तय है कि तूने मेरा घर परिवार बर्बाद कर दिया। तू भी कभी खुश नहीं रहेगी। भगवान से प्रार्थना करता हूं कि तू हमेश बर्बाद ही रहे।

वो ठीक तो हो जाएंगे न… बस एक बार दिखा दो

विलाप करती पत्नी

मृतक सिपाही सुनील की पत्नी का वारदात के बाद से रो रोकर बुरा हाल है। वह घटना स्थल पर पहुंच कर बार-बार बेहोश हो रही थीं। बार-बार पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों से एक बार पति के पास लेकर जाने की गुहार लगा रही थीं। वो बार बार पूछ रही थीं कि वो ठीक तो हो जाएंगे न, मुझे बस एक बार दिखा दो उन्हें। जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाने लगा तब भी वह बार बार बेसुध हो रही थीं। बेसुध होने पर परिजन उसे अपने कंधे पर लादकर मौके से लेकर गए।

Advertisement