आलू-प्याज ने तोड़े रिकॉर्ड, लेकिन अब इस तारीख से कम हो जाएंगे सब्जियों के दाम

नई दिल्ली।  सब्जियों के बढ़ते दाम ने लोगों के किचन का बजट बिगाड़ रखा है। लोगों को समझ में ही नहीं आ रहा है कौन सी सब्जियां खरीदें और कौन सी नहीं। पहले 100 से 200 रूपये में झोला भर के सब्जियां आदमी खरीदकर घर लाता था लेकिन अब उतनी ही सब्जियां 500 रूपये में खरीदनी पड़ रही हैं। सब्जियों के बढ़ते दाम से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवारों और रोज कमाकर खाने वाले लोगों पर पड़ा है। लेकिन अब सोमवार से सब्जियों के भाव में जबरदस्त गिरावट आने वाली है। ऐसा सब्जी मंडियों के आढ़तियों का कहना है।

कोरोना और लॉकडाउन से लोग पहले से परेशान थे लेकिन अब आलू-प्याज और हरी सब्जियों के बढ़ते दाम ने उनकी मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ा दी हैं। पूरे देश में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलू जहां खुदरा में आज 60 और प्याज 70 रूपये किलो के भाव से बिक रही है। वहीं टमाटर मिर्च और बाकी हरी सब्जियों के दाम भी 40 के पार पहुंच गये हैं। टमाटर जहां आज 60 रूपये प्रति किलो तो मिर्च 100 से 120 रूपये किलो के भाव से देश की अलग-अलग मंडियों में बिक रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जल्द ही प्याज के बढ़ते दाम काबू में आने वाले हैं। आढ़तियों की मानें तो सोमवार तक सब्जी मंडी में अफगानी प्याज पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसके दामों में तेजी से गिरावट आएगी। इस बार खुदरा बाजार में प्याज का भाव 90 रुपये किलो तक रहा है। लेकिन आढ़तियों का कहना है कि अफगानी प्याज आ जाने से प्याज का थोक का भाव 22 से 30 रुपये किलो के बीच हो सकता है। दामों में कमी आने की वजह लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। पिछले कुछ दिनों में प्याज के दाम कई गुना बढ़ गए थे। वहीं आढ़तियों की मानें तो दिवाली से पहले सब्जी् खासकर आलू के रेट नीचे आ सकते हैं। क्योंकि मंडी में आलू की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है और अगले हफ्ते से आवक बढ़ सकती है, हालांकि दाम में गिरावट की उम्मीद दिवाली के बाद ही की जा सकती है।


लेकिन इस बीच अब हरी सब्जियों के आ जाने से आसमान चढ़ते दामों से अब लोगों को राहत मिलेगी। स्थानीय किसानों सब्जियां थोक एवं फुटकर सब्जी मंडी में आने लगी हैं। अगले एक सप्ताह में शिमला मिर्च, करेला, लौकी, पालक, मटर, गोभी, टमाटर जैसी सब्जियां सस्ती मिलेंगी। अलग-अलग प्रकार की हरी सब्जी बड़ी मात्रा में आने लगी है। शहर में बीते कुछ महीनों से सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे थे। लगभग सभी हरी सब्जियां 40 से 80 रुपए किलो के बीच बिक रही थीं। हरी सब्जियों की आवक कम होने के कारण इनकी कीमत भी ज्यादा होती है। ज्यादातर सब्जियां दूसरे प्रदेश एवं शहरों से आ रही थीं। हरी सब्जी के रूप में मटर का भी व्यापक पैमाने पर उपयोग होता है। इसकी आवक शुरू हो गई है। हालांकि, अभी उतनी मात्रा में यह बाजार में उपलब्ध नहीं है। क्योंकि, कई जगह इसकी बोवनी हो रही है।

बढ़ती मांग को देखते हुए नए किसानों ने सब्जियों की खेती शुरू की है। ऐसे में रकबा और उत्पादन बढ़ गया है। हरियाणा के कई गांव में इस सीजन में व्यापक पैमाने पर टमाटर, मटर, मिर्च, करेला, लौकी लगाई गई है। करेला की आवक तेज हो गई है। लौकी भी जल्द मंडी में पहुंचेंगी। मेथी, पालक और लालभाजी की फसल भी तैयार होने के कारण उसकी उपज भी बाजार में आ चुकी है। इनके दाम भी नीचे आ गए हैं।

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