पुलिस की बर्बरता, युवक के प्राइवेट पार्ट में घुसाया सरिया.. पेट्रोल-मिर्ची डाला, इतना था कसूर

सूरत।  पुलिस अपने कारनामे के कारण आए दिन चर्चा में बनी रहती है। ऐसी ही एक खाकी वर्दी को कलंकित करने वाला मामला गुजरात से सामने आया है। यहां एक चोर के साथ सिपाही ने इस तरह बर्ररता की लोग उसके बाद हैरान हो गए। मामला सूरत के उमरा थाने का है। बताया जाता है कि उमरा थाने में बंद एक व्यक्ति ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में बिना आधिकारिक गिरफ्तारी दिखाए एक हफ्ता तक बंदी बनाकर रखने और पुलिस द्वारा बर्बर व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

मोहम्मद जावेद नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे पकड़ने के बाद एक हफ्ते तक कस्टडी में रखा गया। पुलिस ने आधिकारिक रूप से गिरफ्तारी नहीं दिखाई। जावेद ने आरोप लगाया है कि उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया के साथ पेट्रोल और मिर्ची डालकर प्रताड़ित किया गया।

जावेद के अधिवक्ता यूसुफ शेख ने कोर्ट में आरोपी का पक्ष रखा। कोर्ट ने उमरा थाने के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह झाला के खिलाफ मामला दर्ज करने और आरोपी की मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया। उमरा थाने में 6 अक्टूबर को मोहम्मद जावेद के खिलाफ चोरी का सामान खरीदने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने 13 अक्टूबर को मोहम्मद जावेद की गिरफ्तारी बताई है।

जावेद का कहना है कि पुलिस ने उसे 5 अक्टूबर को ही गिरफ्तार किया था, लेकिन उस पर केस नहीं किया और न ही उसे कोर्ट में पेश किया। 11 अक्टूबर को उसकी पिटाई की गई। जावेद ने कोर्ट में इंस्पेक्टर की करतूत के बारे में बताया। जावेद के बयान के बाद कोर्ट ने मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया। सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. दिनेश मंडल के अनुसार, जावेद के प्राइवेट पार्ट में इंजरी हुई है। सर्जरी के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में प्राइवेट पार्ट में इंजरी पाई है। पैर, जांघ समेत शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान पाए गए हैं।

जावेद ने आरोप लगाया है कि लॉकअप में इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह झाला ने खुद बर्बरता की है। दरअसल, उमरा थाना क्षेत्र में 20 सितंबर को संजय जैन का मोबाइल चोरी हो गया था। उमरा थाने में 6 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई गई थी। मोहम्मद जावेद का कहना है कि पुलिस ने उसे 5 अक्टूबर को ही गिरफ्तार कर लिया था।

Advertisement