करनाल: क्लर्क पति-ननदोई पर विवाहिता को जहर देकर मारने का आरोप; खून की उल्टी भी आई

हरियाणा के जिले करनाल के मूनक में 43 साल की महिला सुमन गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायका पक्ष ने मृतक महिला के पति और ननदोई पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर मायके पक्ष को सौंप दिया। ससुराल पक्ष जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की कोशिश करने लगा तो मायके पक्ष ने उनकी एक न सुनी और शव को साथ ले गए।

समालखा निवासी गौरी शंकर ने बताया कि बुधवार शाम करीब 5 बजे मूनक की रहने वाली उसकी बहन सुमन के घर से फोन आया। उसके भांजे सार्थक ने बताया कि उसकी मां को खून की उल्टी आ रही है और यहां कोई मदद करने वाला नहीं है। उसने अपने भांजे को बाहर निकल किसी डॉक्टर के पास जाने और उसके आने पर बात करवाने के लिए कहा। उन्होंने डॉक्टर के आने पर कहा कि उसकी बहन को करनाल के अमृतधारा अस्पताल में भर्ती करवा दे। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग अमृतधारा अस्पताल की बजाय दूसरे अस्पतालों में लेकर जाते रहे। जब उस अस्पताल के बारे में पूछा तो कहा कि वहां पर बेड नहीं मिला। इसी बीच उसकी मौत हो गई। जब उसका बड़ा जीजा वहां गया तो उससे मारपीट की। ससुराल पक्ष के लोग चाह रहे थे कि उन पर कोई पुलिस केस न बने। मामला यहीं पर रफा-दफा हो जाए। इसके बाद जब वह पहुंचे तो उनसे भी मारपीट की।

19 साल पहले हुई थी शादी

गौरीशकंर ने बताया कि 2002 में उसकी बहन सुमन की शादी गांव मूनक निवासी मदन गुप्ता से हुई थी। मदन गुप्ता सरकारी स्कूल में बतौर क्लर्क नियुक्त हैं। उनकी 17 साल की बेटी और 15 साल का बेटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसकी बहन को परेशान किया जा रहा था। 15 साल में कई बार पंचायतें हुईं। हर बार लड़की को समझकर ही बात को खत्म कर देते थे। कुछ दिनों पहले उसकी बहन ने उसे बताया कि उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। मायके में बात करने से भी रोकते हैं। बात करने पर बोलते हैं कि वे उसके मायके पक्ष के खिलाफ सुसाइड लेटर लिखकर आत्महत्या कर लेगा। इसे हमेशा अपनी जेब में रखता है। अपने बैग में सल्फास की गोली रखता है।

ससुरालियों ने कहा- मायके में जाएंगे संस्कार पर

मृतक सुमन के देवर ने बताया कि बुधवार को उसकी भाभी की तबीयत खराब हो गई। आज उसकी मौत हो गई। उसका भाई सुबह ड्यूटी पर गया था, उसके खिलाफ आरोप लगाया है। उसके भाई का परिवार सुख से रह रहा था, ये बात उसके मायके पक्ष को सहन नहीं थी। उसके गांव के सैकड़ों लोगों ने शव अपने साथ लेकर जाने की गुहार लगाई। उनके पांव तक पकड़े। उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। हर महिला का संस्कार उसके ससुराल में होता है। अब परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मायके में ही जाकर संस्कार करवाकर आएंगे।

संस्कार को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने

संस्कार को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। मायका पक्ष शव को साथ ले गया है। ससुराल पक्ष उसका संस्कार ससुराल में करना चाह रहे थे। इस बात को लेकर करीब एक घंटा तक दोनों परिवार के लोगों में मनाने को लेकर तकरार चलता रहा और अंत में मायके वाले शव को अपने साथ ले गए।

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