बदहाली में भी 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता होने जा रहा पेट्रोल-डीजल

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल बेहद सस्ता होने वाला है| पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की ऑयल रेगुलेटरी बॉडी पेट्रोलियम की कीमतों में कटौती करने पर विचार कर रही है| दरअसल, कोरोना वायरस संकट की वजह से पूरी दुनिया में तेल की खपत कम हुई है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है|

भारत में भी उम्मीद जताई जा रही थी कि उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की गिरती कीमतों का फायदा मिलेगा| हालांकि, भारतीय कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें जस की तस रखी हैं| भारतीय क्रूड बास्केट की कीमतें 20 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं लेकिन रिटेल कीमतों में कोई कमी नहीं आई है|

वहीं, पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओजीआरए) पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में करीब 57 फीसदी की कटौती करने की योजना बना रही है| एक अधिकारी के मुताबिक, डीजल की कीमतें प्रति लीटर 33.94 और पेट्रोल की कीमतें प्रति लीटर 20.68 रुपये तक घटाई जा सकती हैं| रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से परामर्श लेने के बाद नियामक संस्था इस मामले पर फैसला करेगी| हालांकि, पाकिस्तान की सरकार चाहती है कि पेट्रोल-डीजल की ओजीआरए के प्रस्ताव की आधी कटौती ही की जाए|

पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में 52 फीसदी की गिरावट आई थी लेकिन सरकार ने देश में कीमतों में सिर्फ 12-13 फीसदी की ही कमी की थी| आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार इस कदम के जरिए राजस्व को हो रहे नुकसान की भरपाई करना चाह रही थी| पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पाकिस्तान में सबसे ज्यादा खपत होती है और दोनों ही सरकारी राजस्व के मुख्य स्रोत हैं| हालांकि, कोरोना वायरस की महामारी के चलते पेट्रोलियम की खपत रिकॉर्ड स्तर पर घटने से सरकारी राजस्व का भी काफी नुकसान हो रहा है|

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 5 अरब डॉलर का पैकेज लिया है जिसके लिए संस्था ने सरकार के सामने राजस्व बढ़ोतरी की भी शर्त रखी है| इन शर्तों को पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान को कर्ज मिलने में दिक्कतें हो सकती हैं| पाकिस्तान की सरकार ने सरकारी खजाने की हालत सुधारने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले जीएसटी (जनरल्स सेल्स टैक्स) को पहले ही 17 फीसदी कर दिया गया था| जबकि जनवरी 2019 तक पाकिस्तान की सरकार डीजल पर 0.5 फीसदी की दर से, केरोसीन पर 2 फीसदी, पेट्रोल पर 8 फीसदी और डीजल पर 13 फीसदी तक का टैक्स ही वसूल रही थी|

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