करनाल अनाज मंडी : धान घोटाला 68 मिनट में जारी कर दिए 62 गेट पास

करनाल:औसतन एक गेटपास जारी करने में पांच से दस मिनट लग जाता है, लेकिन करनाल अनाज मंडी में 68 मिनट में 62 गेटपास जारी कर दिये गये, जो कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। मामले में संबंधित आढ़तियों से जवाब तलब किया गया है, जिसका सोमवार को आरोपियों को जवाब देना है।

गेटपास के लिए कांटे पर ट्राली आने के बाद पहले उसका भार किया जाता है, किसान के अभिलेख देखकर ई-खरीद पोर्टल पर किसान का धान उसका नाम पता आदि की इंट्री की जाती है। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के पंजीकरण को चेक करके उससे जारी शेड्यूल से मिलान किया जाता है, इसके बाद ही गेटपास जारी होता है। यही कारण है कि मंडी गेट के कांटों पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं।

इसमें एक ट्राली में कम से कम 10 मिनट का समय लग जाता है, लेकिन निजी कर्मियों ने 66 सेकेंड में एक गेटपास काट दिया है। उप मंडलाधीश करनाल आयुष सिन्हा की जांच में पाया गया था कि तीन नवंबर की सुबह अनाज मंडी करनाल के गेट पर 5.43 व 5.44 बजे दो गेटपास निर्मल कांची किसान के नाम से 110 व 55 क्विंटल धान के काटे गए, जिसमें बलजीत सिंह एंड संस आढ़त फर्म अंकित की गई। इसी फर्म के लिए तीसरा गेटपास 5.45 बजे 150 क्विंटल धान का मीना रानी (किसान) के नाम पर जारी किया गया।


इसके बाद बिना कोई सेकेंड गंवाए गेटपास जारी करने का सिलसिला जारी रहा। निजी कर्मियों ने सुबह 5.43 बजे से 6.51 बजे तक यानी 68 मिनट में 6998 क्विंटल पीआर प्रजाति के धान के 62 गेटपास जारी कर दिए। इसके अलावा एक ही दिन में 6.51 बजे से सुबह 11 बजे तक सीसीटीवी फुटेज के अनुसार गेट नंबर 1 पर 76 व गेट 3 पर 11 वाहन ही धान लेकर आए। इस तरह कुल 87 वाहन ही धान लेकर आए। लेकिन कुल गेटपास 319 काटे गए। देखने से स्पष्ट हुआ कि 232 गेटपास बिना किसी धान वाहन के आए ही काट दिए गए हैं।

अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने दी फर्जी गेट पास मामले में सफाई

करनाल। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान की अध्यक्षता में रविवार को आरोपी आढ़तियों व अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में एक बैठक की गई, जिसमें आईएएस एसडीएम आयुष सिन्हा की जांच पर की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि सीसीटीवी में गेटपास कटते समय कोई वाहन नहीं दिख रहा है, यह बात सही हो सकती है, क्योंकि जब किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइनें लगीं थीं, सरकार का पोर्टल काम नहीं कर रहा था। आढ़तियों ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया से मिलकर भी अपना पक्ष रखा। इसमें रजनीश चौधरी के साथ साथ सुरेंद्र कुमार, महावीर, टोनी, इंद्र कुमार, रघुवीर लाठर, अजय कुमार, रोबिन आदि शामिल रहे।

अनाज मंडी में अभी भी आ रहा यूपी का धान, गेट पर लगी कतारें

करनाल। फर्जीगेट पास मामले की जांच चल रही है, इस बात से अनभिज्ञ यूपी के कई जिलों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर अनाज मंडी गेट पर पहुंच गए हैं। इनमें से अधिकांश का ना तो मेरी फसल मेरी ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन हैं और ना ही इन्हें गेट पास जारी हो रहे हैं। रविवार को अनाज मंडी के गेट पर ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगी रही।

फर्जीगेट पास का मामला पकड़े जाने पर निजी कर्मियों को गेट कांटों से हटा दिया गया है। रविवार को पहले से ही धान खरीद बंद रहती है, इसलिए सिर्फ लिफ्टिंग होती है लेकिन पिछले पांच दिनों से खरीद एजेंसियों ने धान की खरीद बंद कर रखी है।

लेकिन इसके बावजूद अनाज मंडी में लगातार यूपी के कई जिलों से मोटा व बारीक धान धड़ल्ले से पहुंच रहा है। रविवार को यूपी के अमरोहा जिले व बहराइच जिले से आए तीन किसानों ने बताया कि सुबह से ही ट्राली व मिनी ट्रक में धान लेकर खड़े हैं लेकिन रविवार की छुट्टी होने के कारण गेटपास नहीं मिल रहा है, गेट कांटा ही बंद पड़ा है। ना ही कोई आढ़ती व राइस मिलर्स धान को खरीदने को आगे आ रहा है। अब रात तो यहीं काटेंगे, सोमवार को मंडी खुलने पर देखेंगे कि धान बिकता है या नहीं।

 

 

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