हरियाणा के गांवों में इस माह तक खोले जा सकते हैं स्कूल, केंद्र से ली जाएगी अनुमति

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चंडीगढ़ : हरियाणा में आए दिन कोरोना के मामले बढ़ रहे है लेकिन शिक्षा विभाग फिर भी गांवों में स्कूलों को खोलने की तैयारियों में जुटा हुआ है। हालांकि अधिकारी अभी तक सहमत नहीं हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने निर्देश दिए हैं कि अगस्त माह से गांवों के सरकारी स्कूलों को खोल दिया जाए। इसके बाद विभागीय स्तर पर मंथन शुरू हो गया है कि स्कूलों को खोलने के लिए क्या-क्या जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि सोशल डिस्टैंसिंग का ध्यान रखा जा सके। गांव में स्कूलों को सुबह-शाम खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए केंद्र से अनुमति मिल गई तो गांवों में स्कूल खोल दिए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर प्राइवेट स्कूल शहरों में हैं, जिन्हें खोलने में रिस्क है। इन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं का समय कम किया जाएगा। पाठ्यक्रम कम करने की संभावनाएं पहले ही तलाशी जा रही हैं। प्राइवेट स्कूल खोलने में काफी समस्या भी है। इनमें पढऩे वाले बच्चे दूर-दूर से आते हैं। कंवरपाल ने बताया कि ऑनलाइन एजुकेशन में बच्चों को कई तरह की दिक्कत हो रही है। कई जगह ज्यादा टाइम लगाया जा रहा था जिससे बच्चों का विकास नहीं हो पाता। उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। आंखों पर असर पड़ रहा है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ऑनलाइन क्लासेज के समय को कम करने पर विचार चल रहा है।

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10वीं का रिजल्ट औसत आधार पर नहीं बना

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10वीं कक्षा का रिजल्ट अच्छा आया है। यह औसत आधार पर नहीं बना है। बच्चों ने सभी पेपर दिए हैं। सिर्फ एक पेपर साइंस का बचा था जिसका रिजल्ट 65 फीसदी आया है। कु. शैलजा द्वारा रिजल्ट घोषित करने के तरीके पर सवाल उठाने पर कंवरपाल ने कहा कि 10वीं में एक विषय में फेल बच्चों को पास करने की मांग की थी। कांग्रेस ने बच्चों को फेल न करने का नियम बनाया था, लेकिन अभिभावक फैसले को गलत मानते थे। बच्चों को पास नहीं करेंगे।

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