अब नहीं रुलाएगा प्याज, NAFED ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) ने प्याज (Onion) की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के प्रयासों में तेजी ला दी है. इसी कड़ी में, नैफेड (National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India) ने नवंबर 2020 तक 15 हजार टन लाल प्याज (Red Onion) की आपूर्ति के लिए शनिवार को आयातकों से बोलियां मंगाई. इसका मकसद देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना और घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाना है.

न्यूनतम 2 हजार टन की आपूर्ति के लिए बोलियां लगा सकते हैं आयातक

नैफेड ने नवंबर 2020 तक किसी भी देश से 40 से 60 मिलीमीटर आकार की लाल प्याज की आपूर्ति की निविदा निकाली है. इस प्याज का दाम 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक होना चाहिए. निविदा के मुताबिक आयातक न्यूनतम 2 हजार टन की आपूर्ति के लिए बोलियां लगा सकते है. इन्हें 500 टन के कई लॉट में उपलब्ध कराया जा सकता है.


आयातक अपनी बोलियां चार नवंबर तक जमा करा सकते हैं और उसी दिन निविदा के तहत मिली बोलियों को खोला जाएगा. आयातकों को प्याज की आपूर्ति कांडला बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर करनी होगी.

आयातक अपनी बोलियां चार नवंबर तक जमा करा सकते हैं और उसी दिन निविदा के तहत मिली बोलियों को खोला जाएगा. आयातकों को प्याज की आपूर्ति कांडला बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर करनी होगी.

नैफेड ने इसलिए लिया फैसला

नैफेड के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक एसके सिंह ने कहा, ”हमने 15 हजार टन आयातित लाल प्याज की आपूर्ति के लिए निविदा निकाली है. यह घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने में मदद करेगी.” उन्होंने कहा कि बोलियों का मूल्यांकन उपलब्ध कराई जाने वाली मात्रा, गुणवत्ता और जल्द आपूर्ति की तिथि के आधार पर किया जाएगा. बोली लगाने वालों को ताजी, अच्छी से सूखी हुई और बीमारी रहित प्याज उपलब्ध करानी होगी.

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