पर्ची में 1.86 किलोवाट लोड, पर बिजली बिल बना इतने किलोवाट लोड का

राजधानी लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल देने का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना लॉकडाउन के बाद मीटर रीडर द्वारा अधिकांश उपभोक्ताओं को जो पर्ची दी जा रही है, उसमें विद्युत लोड अलग दर्ज है, लेकिन जब उपभोक्ता पर्ची लेकर बिलिंग काउंटर पर बिल जमा करने जाता है, तो अधिक विद्युत लोड दर्ज होता है। परेशान उपभोक्ता एसडीओ से लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय तक चक्कर लगाता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। नतीजतन उन्हें बिल के साथ-साथ जुर्माना भी जमा करना पड़ रहा है।

मीटर रीडर ने 1.86 किलोवाट लोड फीड किया, बिल बना छह किलोवाट लोड

महानगर निवासी राजेश्वरी वर्मा के यहां तीन किलोवाट लोड (खाता सं. 6242500000) कनेक्शन है। मीटर रीडर ने 26 मई को उपभोक्ता को जो बिल थमाया, उसमें 1.86 विद्युत लोड दर्ज था, लेकिन पावर कॉरपोरेशन के साफ्टवेयर में छह किलोवाट लोड दर्ज हो गया। उपभोक्ता ने अभियंताओं से पूछताछ की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

पर्ची में 2.04 किलोवाट और बिल तीन किलोवाट लोड

सुभाष पार्क उपकेंद्र के अंतर्गत उपभोक्ता उमेन्द्र वर्मा के यहां दो किलोवाट लोड (खाता सं. 8521500000) कनेक्शन है। मीटर रीडर ने 26 मई को 384 यूनिट का बिल बनाया। उसमें 2.04 विद्युत लोड दर्ज था लेकिन सॉफ्टवेयर में तीन किलोवाट लोड दर्ज हो गया। जिस पर उपभोक्ता को जुर्माना देना पड़ा।

 उपभोक्ता वीडियो बनाकर बिल सही करा सकता है

मुख्य अभियंता (सिस गोमती) मधुकर वर्मा ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि बिल में मीटर रीडिंग या विद्युत लोड गलत है या फिर मीटर का वीडियों बनाकर संबंधित डिवीजन के अधिशासी अभियंता व एसडीओ को दिखाकर बिल सही करा सकता है।

कोरोना लॉकडाउन के कारण अप्रैल और मई में मीटर रीडिंग नहीं हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को प्रोविजनल बिल भेजे गये थे। इसके बाद जून में मीटर रीडिंग शुरू हुई है। इसमें उपभोक्ताओं को गलत बिल आने की कई शिकायतें आई है। जिसकी रिपोर्ट सभी अधिशासी अभियंताओं से मांगी गई है।

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