अंबाला में अब ट्रैफिक होगा नियंत्रित, 800 रुपये फोर व्हीलर तो बाइक पास के लिए देने होंगे इतने पैसे

अंबाला:  18.37 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हो चुकी मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने का अब टेंडर नोटिस जारी कर दिया गया है। 77.76 लाख रुपये का यह टेंडर नोटिस जारी किया गया है। यह टेंडर 03 नवंबर को ओपन होगा टेंडर दो साल के लिए जारी किया जाएगा। इस तरह 3 लाख 42 हजार रुपये प्रति माह टेंडर को रिजर्व प्राइज प्रति माह का तय किया गया है।

अब बिड में जितने ज्यादा रेट कोई भरेगा उसे टेंडर अलाट कर दिया जाएगा। जिस भी फर्म को मल्टी लेवल पार्किंग चलाने का ठेका दिया जाएगा उसे दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों के लिए पास बनाने होंगे। दोपहिया वाहन चालकों के लिए 250 रुपये प्रति महीना और चौपहिया वाहन चालकों के लिए 800 रुपये प्रति माह में पास ठेका लेने वाले को बनाना होगा।

इसी तरह 6 घंटे तक वाहन खड़े करने के 10 रुपये दोपहिया वाहन चालकों के लिए तय किए गए हैं छह से 24 घंटे तक के 20 रुपये तय किए गए हैं। इसी तरह चौपहिया व तिपहिया वाहन चालकों को छह घंटे तक 20 रुपये और इससे ज्यादा 24 घंटे तक 40 रुपये पार्किंग के देने होंगे। हालांकि अभी पार्किंग में लिफ्ट नहीं लग सकी।

दिवाली से पहले बाजारों को जाम मुक्त करने की योजना

पार्किंग का ठेका जारी होते ही छावनी के बाजारों में भारी वाहनों के अलावा चौपहिया वाहनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। गुड़गुड़िया नाले के ऊपर बनाई गई इसी तीन मंजिला पार्किंग में ही सभी वाहन खड़े होंगे। इससे आगे बाजारों में या तो पैदल जाने की व्यवस्था रहेगी या फिर ई-रिक्शा चलाई जाएंगी जोकि प्रति सवारी 10 रुपये किराया लेंगी। इससे पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा। साथ ही साथ अवागमन में दिक्कतें भी खत्म हो जाएंगी। विदेशी तर्ज पर बाजारों को पूरी तरह से जाम मुक्त करने के लिए ऐसी योजना को जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। गृहमंत्री अनिल विज ने छह मई को सुभाष पार्क में हुए संवाद कार्यक्रम के दौरान इस योजना का खुलासा किया था।

अगस्त 2017 से चल रही योजना अब चढ़ेगी सिरे

सदर क्षेत्र में लोकल बस अड्डे के पास 18.37 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया गया है। इस पार्किंग के निर्माण की योजना अगस्त 2017 में बनाई गई थी। जिले की यह पहली ऐसी पार्किंग है जोकि तीन मंजिला बनाई गई है। पार्किंग में 600 कार और 300 दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं। मल्टी लेवल पार्किंग को 700 फुट लंबा व 60 फुट चौड़ा बनाया गया है। इसका रैंप 8 मीटर चौड़ा है। वाहनों के प्रवेश के लिए पहला रास्ता विजय रतन चौक के पास और दूसरा रास्ता पुराने लोकल बस अड्डे से बनाया गया है।

आस्ट्रेलिया के हर शापिंग माल तक चलती हैं ट्रेन गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संवाद कार्यक्रम में बताया था कि आस्ट्रेलिया के हर बाजार में शापिंग माल तक ट्रेन चलती है। जहां भी आपको उतरना हो ट्रेन उतारती चलती हैं। वहां पर किसी भी सड़क पर एक भी वाहन बाजार में नहीं खड़ा होता। सभी वाहन निर्धारित पार्किंग में ही खड़े होते हैं। लेकिन यहां सरकारी सड़कों को ही लोग पार्किंग बना देते हैं। इसी कारण जाम का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस व्यवस्था को जल्द ही छावनी के बाजारों में खत्म कर दिया जाएगा। जब विदेश में जाकर व्यवस्था बनाई जा सकती है तो यहां क्यों नहीं?

इन बाजारों में मिलेगी जनता को जाम से मुक्ति मल्टीलेवल पार्किंग में ही वाहनों को खड़े करने की योजना से अंबाला कैंट की राय मार्केट, रेलवे रोड, सदर बाजार, ओल्ड सदर बाजार, हलवाई बाजार, कबाड़ी बाजार, निकलसन रोड, बजाजा बाजार, पंसारी बाजार, सर्राफा बाजार, हिल रोड, बर्तन बाजार सहित सभी बारह क्रास रोड से वाहनों का जमावड़ा कम हो जाएगा। लिहाजा बाजारों में हर समय लगने वाले जाम से भी जनता को मुक्ति मिलेगी।

ट्रैफिक नियंत्रित के लिए बनी थी योजना

2007 में ट्रैफिक नियंत्रित करने की पहली बार बनाई गई थी योजना बता दें कि वर्ष 2007 में अंबाला छावनी और शहर ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई गई। इसके तहत तत्कालीन एसपी अमिताभ ढिल्लो के आदेशों पर सड़क बाजारों में पीली पट्टी खींचकर उसके दोनों तरफ लाल रंग के कोर्न लगाए थे। वाहनों का गांधी मार्केट में खड़े करने के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं बाजारों में करीब एक से डेढ़ फुट के छोटे पोल लगा दिए थे ताकि लेफ्ट-राइट वाहन चलते रहें। इसके बाद भारी वाहनों की एंट्री सुबह 9 से रात के आठ बजे तक बंद कर दी गई थी।

पार्किंग को चलाने का टेंडर नोटिस जारी कर दिया गया है। 03 नवंबर को इसे खोला जाएगा। 77.76 लाख रुपये रिजर्व प्राइज तय किया गया है। इससे जितना भी ज्यादा जो फर्म भरेगी उसे पार्किंग संचालक का ठेका दे दिया जाएगा। पार्किंग शुरू होते ही बाजारों को वाहन मुक्त कर दिया जाएगा। इसके बाद वाहन चालक आराम से बिना किसी चिंता के शापिंग कर सकेंगे। सतिंद्र सिवाच, एसडीएम एवं नगर परिषद प्रशासक।

Advertisement