सीएससी पर नहीं लगानी पड़ेगी अब लंबी-लंबी लाइने, अब इस जगह पर भी बनेगे परिवार पहचान पत्र

पानीपत/अंबाला । स्कूल टीचरों के बाद अब गांव के डिपो होल्डरों को परिवार पहचान पत्र बनाने का काम सौंपा गया है। लेकिन फैमिली आईडी बनाने में प्रयोग होने वाले पूरे दस्तावेजों में से केवल आधार कार्ड व केवल मुखिया के बैंक खाते का विवरण मांगा जा रहा है। इसलिए लोगों में संशय है क्योंकि केवल इन दस्तावेजों से फैमिली आईडी नहीं बनाई जा सकती। वहीं दूसरी ओर सीएससी सेंटरों पर फैमिली आईडी बनाने के लिए सभी सदस्यों के आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, वोटर कार्ड व बैंक विवरण देना अनिवार्य है।

इन सबके बिना फैमिली आईडी नहीं बन सकती। तकनीकी जानकारों की मानें तो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मांगे गए इन कागजों में से केवल परिवार की मुखिया की जानकारी अपलोड हो सकेगी और वह भी आधी-अधूरी इसके बाद उन्हें फिर से फैमिली आई डी को अपडेट करवाना होगा। जिससे लोगो को दोबारा परेशानी उठानी पड़ेगी। एक ही बार में काम पूरा क्यों नहीं किया जाता।

केवल परिवार के मुखिया के बैंक खाते की जानकारी से कैसे बनेगी फैमिली आईडी


डिपो होल्डरों की माने तो विभाग की ओर से डिपो होल्डरों से राशन लेने वाले परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, परिवार के मुखिया की बैंक डिटेल कार्यालय में जमा करवाने को कहा गया है। जबकि फैमिली आईडी में परिवार के सभी सदस्यों के पैन कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक विवरण व जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी भी भरनी होती है। ऐसे में केवल मुख्यिा की बैंक डिटेल से कैसे काम चलेगा कहना मुशिकल है।

5 नवंबर से पहले जमा करने होगे दस्तावेज

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दस्तावेज एकत्रित करने की समय सीमा 5 नंवबर 2020 तय की गई है। इसके लिए डिपो होल्डर ही नहीं विभाग के कर्मचारी भी युद्ध स्तर पर लोगों के मांगे गए दस्तावेज जमा करने में जुट गए हैं। गांवों में मुनादी करवाकर डिपो होल्डरों के पास मांगे गए कागजात जमा करवाने को कहा जा रहा है।

जिससे केवल फैमिली के मुखिया के नाम से आईडी को बनाया जा सके और बाद में बनाई गई इस फैमिली आईडी में परिवार के अन्य सदस्यों के नाम जोड़े जा सकेंगे। वहीं सीएससी सेटरों के संचालकों का कहना है कि फैमिली आईडी में जो भी जानकारी एक बार भरी जायेगी उसके बाद उसमें कुछ भी बदलाव नहीं किया जा सकता। ऐसे में बहुत लोगों की फैमिली आईडी गलत डाटा भरे जाने के चलते गलत बन गई और उसके बाद वो लोग उसमें सही जानकारी अपडेट नहीं करवा पा रहे।

कई योजनाओं में मदद देगी फैमिली आईडी

विभाग के अधिकारियों की मानें तो राज्य सरकार द्वारा सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभार्थियों को मिलने वाला लाभ, भविष्य में केवल परिवार पहचान पत्र के माध्यम से किए जाने के निर्णय के चलते इसकी आवश्यकता सभी प्रकार के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य बना दी गई है।

सरकार की पीला कार्ड, गुलाबी कार्ड, साधारण कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग तथा विधवा पेंशन, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ के लिए परिवार पहचान पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाएगा। जिसके आधार पर एकल अथवा संयुक्त परिवार का कोई भी सदस्य लाभपात्र माना जाएगा।

नए फरमान से अधिकारी भी संशय में

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक विनोद कुमार दुबे का कहना है कि सरकार सभी परिवारों की फैमिली आईडी बनवाने के लिए प्रयासरत है। परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए हमसे केवल परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड व परिवार के मुखिया की बैंक डिटेल एकत्रित करने को कहा गया है। हमने इसके लिए डिपो होल्डरों को कहा है। इसके बाद फैमिली आईडी बनाने के लिए सीएससी सेंटरों से संपर्क किया जाएगा। अब इन दस्तावेजों से पूरी फैमिली आईडी बन सकेगी या नहीं इस बारे में नहीं पता।

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