अब हरियाणा की चीनी मिलों में बनेगा गुड़। लेगा मिठाई की जगह, होटल्स में होगी सप्लाई

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चंडीगढ़ । हरियाणा में चीनी मिलों का घाटा कम करने के लिए प्रदेश सरकार एक साथ कई नये प्रयोग करने जा रही है। प्रदेश सरकार सहकारी चीनी मिलों में जहां मिठाई के पीस के आकार में गुड़ तैयार कराएगी, वहीं शक्कर भी बनवाई जाएगी। यह गुड़ और शक्कर आम मार्केट के साथ-साथ होटलों व रेस्टोरेंट में सप्लाई होगा। लोग अब खाने के बाद मिठाई के स्थान पर गुड़ या शक्कर खाना ज्यादा पसंद करते हैं।

हरियाणा की चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए नए प्रयोग कर रही सरकार

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हरियाणा सरकार अपनी चीनी मिलों में तैयार होने वाली रिफाइंड शुगर (चीनी) भी मार्केट में उतारने की तैयारी में है। यह चीनी एक और पांच किलो की पैकिंग में होगी। इसके साथ ही, होटलों व रेस्टोरेंट में इस्तेमाल के लिए रिफाइंड शुगर के पांच से दस ग्राम के पैकेट तैयार कराए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस तैयारी के साथ ही दूसरी प्राइवेट कंपनियों ने मार्केट में गुड़, शक्कर और रिफाइंड शुगर के रेट दो से पांच रुपये किलो कम कर दिए हैं, लेकिन सरकार इससे भी कम रेट पर यह उत्पाद मार्केट में बेचने की तैयारी में है।

रिफाइंड शुगर की एक व पांच किलो की पैकिंग तैयार, प्राइवेट प्लेयर्स ने रेट कम किए

हरियाणा में कुल 14 चीनी मिलें हैं। इनमें 10 सहकारी चीनी, मिल, एक हैफेड की और तीन चीनी मिलें प्राइवेट हैं। इन चीनी मिलों का घाटा करीब पांच सौ करोड़ रुपये है, जिसे खत्म करने की दिशा में सरकार काफी प्रयासरत है। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल के अनुसार कैथल और पलवल की सहकारी चीनी मिलों में नवंबर से आरंभ होने वाले पेराई सत्र के दौरान गुड़ व शक्कर तैयार कराया जाएगा। यह क्यूब (पीस) की शक्ल में होगा, ताकि इसे तोडऩे में दिक्कत न आए। चीनी का रेट कम होने, लागत अधिक आने तथा गन्ने के दामों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से प्रदेश सरकार ने नए उत्पाद तैयार कराने का निर्णय लिया है।

इथोनाल बनाने के लिए शाहबाद में प्लांट पूरा, बाकी मिलों में भी चल रही तैयारी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन प्रयोगों की मंजूरी प्रदान कर दी है। शाहबाद चीनी मिल में इथोनाल बनाने का प्लांट लगभग पूरा हो चुका है। राज्य की बाकी चीनी मिलों में भी इथोनाल बनाने के प्लांट लगाने की योजना है। रोहतक की चीनी मिल में रिफाइंड शुगर तैयार हो रही है, जिसे इस बार गोहाना में भी बनाया जाएगा। खुले बाजार में इस शुगर का रेट 40 से 42 रुपये किलो था, जिसे प्राइवेट कंपनियों ने घाटकर 38 से 39 रुपये किलो कर दिया है। हरियाणा सरकार की योजना इस रिफाइंड शुगर को 37 रुपये किलो तक बेचने की योजना है।

चीनी मिलों में नियुक्‍त होंगे प्रोफेशनल प्रबंध निदेशक

हरियाणा की सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों में एक्सपर्ट का अभाव है। इसलिए प्रदेश सरकार ने प्रयोग के तौर पर पलवल, असंध और महम चीनी मिलों में प्रोफेशनल प्रबंध निदेशक लगाने का निर्णय लिया है। चूंकि इन चीनी मिलों के प्रशासक और एमडी की भूमिका में एचसीएस अधिकारी होते हैं तो उन्हें तकनीकी तौर पर बहुत अधिक जानकारी नहीं होती। विभिन्न शर्तों के साथ प्रोफेशनल प्रबंध निदेशक लगाए जाने के बाद यदि नतीजे अच्छे रहे तो बाकी चीनी मिलों में भी यह नियुक्तियां की जाएंगी।

किसानों, विशेषज्ञों औरसे ली जा रही राय’

”हरियाणा की सभी चीनी मिलों को घाटे से उबारने की योजना है। इसलिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी मंजूरी प्रदान कर दी है। हम खोई से ईंधन बनाने की योजना पर भी काम कर हे हैं। कैथल में इस पर काम चल रहा है। घाटा कम करने, चीनी मिलों की दशा सुधारने तथा उनके रखरखाव व संचालन के बारे में सीधे किसानों, विशेषज्ञों और चीनी मिलों के निदेशकों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू की गई है। मैं शाहबाद से इसकी शुरुआत कर चुका हूं। बाकी मिलों में भी राय ली जा रही है। जल्द ही अच्छे नतीजे सामने होंगे।

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