अब घर-घर जाएंगे अध्याफपक, हरियाणा के हर जिले में होगा ये सर्वे

कैथल। शिक्षा विभाग के आदेशों के तहत अब अध्यापक घर-घर जाकर बच्चों के स्कूल के पहुंचने को लेकर जानकारी हासिल करेंगे। इसके लिए 24 फरवरी को अभियान के तहत सर्वे शुरू किया जाएगा। जिसमें पूरे प्रदेश में पहली से आठवीं तक के अध्यापक घरों में डोर-टू-डोर जाकर सर्वे करेंगे। इसमें छह से 14 साल तक के बच्चों के स्कूल जाने को लेकर जानकारी हासिल करेंगे।

बता दें कि पहले इस सर्वे को स्कूल के स्तर पर किया जाता था। जिसमें स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा में पहुचंने वाले विद्यार्थियों की हाजिरी को लेकर जानकारी ली जाती थी। परंतु कोरोना महामारी के कारण अब पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को घर से पढ़ो अभियान के तहत ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाया जा रहा है। परंतु कोरोना के कारण स्कूल खुलने के बावजूद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या घटी है, जिस कारण शिक्षा विभाग की ओर से यह सर्वे शुरू किया जा रहा है।  यह सर्वे 24 फरवरी से लेकर चार मार्च तक लगातार दस दिन चलेगा। इस सर्वे का मुख्य उद़्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजना है।

जिले से 3500 से अधिक अध्यापक हासिल करेंगे जानकारी

बता दें कि इस सर्वे में  जिले से 3500 से अधिक अध्यापक घर-घर जाकर बच्चों के स्कूल जाने की जानकारी हासिल करेंगे। इन 3500 अध्यापकों में जेबीटी, पीआरटी और टीजीटी अध्यापक शामिल होंगे, जो यह सर्वे का कार्य करेंगे। इन अध्यापकों को यह कार्य 24 फरवरी से शुरू कर 10 मार्च को खत्म करना है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दलीप सिंह ने बताया कि बच्चों के स्कूल में पढ़ने को लेकर हर वर्ष यह सर्वे करवाया जाता है। परंतु इस बार विभाग के निदेशक के आदेशों के तहत स्कूलों में जाकर नहीं, बल्कि घरों में डोर-टू-डोर जाकर इन बच्चों की जानकारी हासिल की जाएगी। इससे उन बच्चों के बार जानकारी मिल पाएगी, जो स्कूल में बिल्कुल भी नहीं जाते हैं। यह अभियान पढ़ाई की दिशा में काफी कारगर साबित होगा।

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