केंद्र, पंजाब व नैशनल हाईवे अथॉरिटी को नोटिस जारी, जानें पूरा मामला

चंडीगढ़ : 8518 करोड़ के जालंधर-पानीपत नैशनल हाईवे-1 स्थित टोल प्लाजा पर टोल फीस वसूलने के अधिकार किसी दूसरे को देने के नैशनल हाईवे अथॉरिटी के आदेश के खिलाफ पानीपत-जालंधर एन.एच.-1 टोलवे लिमिटेड ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट सुमीत गोयल के माध्यम से याचिका दाखिल की है। इस याचिका में अथॉरिटी के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए उस पर रोक लगाने तथा कम्पनी को पानीपत-जालंधर के बीच स्थित सभी टोल प्लाजा पर टोल फीस एकत्रित करने का अधिकार देने की मांग की गई है।

कम्पनी ने कहा है कि नए सिरे से आर्बिटेशन में मामले को लाया जाए और आर्बिट्रेटर भी बदले जाएं। याचिका में कहा गया है कि किसी दूसरी कम्पनी को टोल फीस के अधिकार देकर याचिकाकर्ता के साथ अन्याय हुआ है और उनकी ओर से किए गए पत्राचार तथा सभी पूरी की गई औपचारिकताओं को नजरंदाज करते हुए उनसे टोल फीस एकत्रित करने के अधिकार वापस लेकर दूसरी कम्पनी को दिए गए हैं।

कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार, केंद्र सरकार व अन्य सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन पर जवाब देने के लिए प्रतिवादी पक्षों ने समय की मांग की। कोर्ट ने 4 अप्रैल तक सभी प्रतिवादियों से जवाब दाखिल करने को कहा है।

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