नोएडा अथॉरिटी ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर दी बड़ी छूट, जानिए नए रेट

नोएडा. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट के मालिकों को बड़ी छूट दी है. रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट दोनों के ही ट्रांसफर पर अब भारी-भरकम रकम खर्च नहीं करनी होगी. शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया है. लेकिन इंडस्ट्रियल प्लॉट के मामले में अथॉरिटी ने बड़ी शर्त लगा दी है. बिना इसे पूरा किए इंडस्ट्रियल प्लॉट नहीं बेचा जा सकेगा. लेकिन अथॉरिटी के इस कदम से रीसेल में प्रॉपर्टी (Re Sale Property) खरीदने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा. अथॉरिटी के चेयरमैन संजीव मित्तल की अध्यक्षता में हुई इस बोर्ड बैठक में नोएडा शहर (Noida City) से जुड़े और भी कई अहम फैसले लिए गए हैं.

नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने बोर्ड बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि साल 1990 तक फ्लैट और आवासीय प्लॉट ट्रांसफर के दौरान आवंटन फीस का 50 फीसद अदा करना होता था. 1991 से 2000 तक यह फीस 20 फीसद देनी होती थी. 2001 से 2010 तक आवंटन का 10 फीसद और मौजूदा वक्त में ट्रांसफर की यह फीस आवंटन की फीस का 5 फीसद लिया जा रहा था. लेकिन अब इसे घटाकर 2.5 फीसद कर दिया गया है. अब रीसेल में फ्लैट खरीदने पर रजिस्ट्री के साथ उसे अपने नाम पर नोएडा अथॉरिटी से ट्रांसफर करवाने के लिए 2.5 फीसद रकम ही देनी होगी.

EWS और LIG कैटेगिरी में बम्पर छूट

नोएडा अथॉरिटी बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी कैटेगिरी के फ्लैट और प्लॉट का आवंटन भी करती है. इस दौरान इस कैटेगिरी के फ्लैट और प्लॉट भी ट्रांसफर होते हैं. लेकिन ट्रांसफर फीस ज्यादा होने के चलते रीसेल में खरीद करने वालों को खासी परेशानियों को सामना करना पड़ता है. मौजूदा वक्त तक ईडब्ल्यूएस और एलआईजी कैटेगिरी में रीसेल होने पर दूसरी कैटेगिरी की तरह से ट्रांसफर फीस ली जाती थी. लेकिन अब नोएडा अथॉरिटी ने इसमे भी बड़ी राहत दी है.

अब से ईडब्ल्यूएस और एलआईजी कैटेगिरी का फ्लैट और प्लॉट रीसेल होने पर आवंटन फीस का सिर्फ एक फीसद ही देना होगा. वहीं एक दूसरी खुशखबरी यह भी है कि नोएडा अथॉरिटी की ओर से श्रमिक कुंज में बनाए गए फ्लैट के रीसेल होने पर सिर्फ एक मुश्त 12 हजार रुपये की फीस देनी होगी.

इंडस्ट्रियल पलॉट के लिए शर्त साथ दी है यह छूट

नोएडा में बहुत सारी इंडस्ट्रियल यूनिट बंद पड़ी हैं. ऐसे हालात में जब इंडस्ट्रियल यूनिट को रीसेल किया जाता है तो ट्रांसफर फीस के रूप में 10 फीसद चार्ज देना होता है. लेकिन बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले के बाद से अब बंद पड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट को रीसेल नहीं किया जा सकेगा. इंडस्ट्रियल यूनिट को रीसेल करने के लिए पहले उसे चालू करना होगा.

इसके बाद भी उसे किसी दूसरे को रीसेल किया जा सकेगा. ऐसा करने के लिए नोएडा अथॉरिटी उस इंडस्ट्रियल यूनिट को चालू होने का सर्टिफिकेट देगी, उसी के बाद ट्रांसफर की दूसरी कार्रवाई आगे बढ़ेगी. लेकिन इस शर्त के साथ राहत यह दी गई है कि ट्रांसफर फीस 10 फीसद के बजाए अब सिर्फ 5 फीसद ही अथॉरिटी को देना होगा.

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