नितिन गडकरी ने सड़क का रास्ता बदलकर बचाया 400 साल पुराना पेड़। हाईवे के बीच के आ रहा था

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नई दिल्ली । कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर के देशों को प्रकृति का महत्व समझा दिया है। इसी कड़ी में भारत ने विश्व में प्रकृति के सम्मान का एक नायाब उदाहरण पेश किया है। महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हाइवे का नक्शा सिर्फ इसलिए बदल दिया गया क्योंकि उसके रास्ते में एक 400 साल पुराना पेड़ आ रहा था। अब यह पेड़ सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बना हुआ है। कई लोगों ने इस बात की प्रशंसा की है और प्रकृति को बचाने के लिए पर्यावरण वादी कार्यकर्ताओं की सराहना भी की है।

हाइवे के रास्ते में आ रहा था बरगद का पेड़

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दरअसल, महाराष्ट्र के सांगली जिले के भोसे गांव में बहुत बड़ा 400 साल पुराने बरगद पेड़ है जिसके पास से निर्माणाधीन हाइवे का सर्विस रोड गुजरता है, इसलिए इस पेड़ को काटकर रोड बनाने की तैयारी हो रही थी। लेकिन इस बीच पर्यावरणवादी कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध और राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के सहयोग से इस पेड़ को कटने से बचा लिया गया।

पेड़ को काटने का जमकर विरोध

बता दें कि निर्माणाधीन रत्नागिरी- नागपुर हाइवे नंबर 166 सांगली जिले के भोसे गांव के पास से गुजर रहा है जिसके निर्माण को लेकर कई स्थानों पर पेड़ काटकर सड़क बनाया जा रहा है। जब इस हाइवे के नक्शे के बीच गांव का 400 साल पुराना पेड़ आया तो उसे भी काटने का काम शुरू हुआ। जब इस बात का पता सांगली के पर्यावरण वादी कार्यकर्ताओं को चला तो उन्होंने इसकरा खूब विरोध किया और आदित्य ठाकरे से मदद मांगी।

आदित्य ठाकरे ने की गडकरी से बात

मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात की। आदित्य ने नितिन गडकरी से इस पेड़ को बचाने की मांग की जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने पेड़ को कटने से बचाने के लिए हाइवे के नक्शे में ही बदलाव कर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का आदेश जारि किया। इस बीच सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल चुकी थी और कई यूजर्स ने भी पेड़ बचाने की मांग की।

बचाया गया 400 साल पुराना पेड़

मालमे को तूल पकड़ता देख महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे को इसमें दखल देना पड़ा और उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मदद मांगी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मामले पर प्रकृति का समर्थन किया और पेड़ को बचाने के लिए हाइवे का नक्शा ही बदल दिया। गडकरी ने अपने डिपार्टमेंट के अधिकारियों के इस समस्या पर बात की और हाइवे के आरेखन में तब्दीली करके बरगद के इस 400 साल पुराने पेड़ को बचाने को कहा है। केंद्रीय मंत्री के आदेश के बाद यह पेड़ अब बच गया है।

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