नेकी का दूसरा नाम बंगला साहिब गुरुद्वारा: कम कीमत में दवाई देने के लिए शुरू की डिस्पेंसरी सेवा

कोरोना काल में दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब ने बिना रुके लाखों लोगों को खाना खिलाया. इस गुरुद्वारे के कदम अभी भी समाज सेवा के लिए नहीं रुके हैं क्योंकि महामारी के बीच गुरुद्वारा बंगला साहिब के सदस्यों ने गुरुद्वारे के परिसर में ’नो प्रॉफ़िट नो लॉस’ डिस्पेंसरी खोली है.

लंगर सेवा के बाद अब गुरुद्वारा अथॉरिटी ने “बाला प्रीतम दावखाना” की शुरुआत की है. इसके ज़रिये बहुत कम कीमत में दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी. मीडिया से बात करते हुए गुरुद्वारा बंगला साहिब के प्रमुख ग्रन्थि ज्ञानी रणजीत सिंह ने बताया, “COVID-19 महामारी के दौरान हमारे सेवक खाना लेकर ज़रूरतमंदों तक पहुंचे थे. हमने महसूस किया कि लोगों को सिर्फ़ खाने की नहीं बल्कि दवाओं की भी ज़रूरत है.

सिंह ने कहा, “इसके बाद, गुरुद्वारा सिख प्रबंधन समिति के प्रमुख मंजीत सिंह सिरसा ने परिसर में ‘बाला प्रीतम द्वारखाना’ खोलने का फ़ैसला किया. इस डिस्पेंसरी में हम ’नो प्रॉफ़िट नो लॉस’ के कॉन्सेप्ट पर दवाई दे रहे हैं. ये दवाएं आम मेडिकल स्टोर की तुलना में सस्ते दाम पर उपलब्ध हैं.”

सिंह ने जानकारी दी कि डिस्पेंसरी ने अपने पहले दिन लगभग 1 लाख लोगों को अपनी सेवाओं की पेशकश की. यह डिस्पेंसरी सुबह 10 से रात 8 बजे के बीच काम करती है, लेकिन गुरुद्वारा के अधिकारी समय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं.

बंगला साहिब गुरुद्वारा धार्मिक सौहार्दता और इंसानियत की मिसाल है, जो मुश्किल समय में लोगों को सहारा देने के लिए हमेशा अपना कन्धा आगे रखता है.

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