करनाल NDRI द्वारा देश भर में लगाईं जायेंगी कृषि संबंधी आधुनिक तकनीकी प्रदर्शनी

करनाल। किसानों एवं पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान   15  से 17  फरवरी 2020  तक राष्ट्रीय डेरी मेले का आयोजन करने जा रहा है। इसमें पशुपालकों को जहां अपने पशुओं की उत्कृष्टता दिखाने का मौका मिलेगा, वहीं कृषि संबंधी आधुनिक तकनीकों को जानने का अवसर भी मिलेगा, जिससे किसानों को काफी फायदा होगा।

एनडीआरआई के निर्देशक डा. आरआरबी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कई वर्षो से डेरी मेले का आायोजन संस्थान में किया जाता रहा है।  इस तीन दिवसीय मेले में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के किसान अपने पशुओं के साथ भाग लेने के लिए आते हैं और संस्थान उन्हें पशुओं की उत्कृष्टा दिखाने का मौका प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि डेरी मेले का मुख्य उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुणी करना का सपना है, जिसे साकार करने में पशुपालन अहम भूमिका निभा सकता है।

डा. सिंह ने  बताया कि इस तीन दिवसीय मेले में विभिन्न श्रेणियों में अधिक दुग्ध देने की प्रतियोगिता, सौंदर्य प्रतियोगिता जैसी अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिसमें किसान अपने देशी व शंकर नस्ल के गाय/भैंस, बछडिय़ां और झोटे लेकर आ सकता है। उन्होंने बताया कि मेले में एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें कृषि एवं डेरी सम्बंधित आधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करने हेतु सैंकड़ों स्टाल लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, हरे चारे के उत्पादन की तकनीक, सूखे चारे के पौष्टिक गुण को बढ़ाना तथा साइलेज बनाना, सस्ता संतुलित पशु आहार बनाना, यूरिया एवं शिरा सहित पशु आहार,दुग्ध और घी में मिलावट का पता लगाना, दुधारू पशुओ के नस्लों के जानकारी एवं पहचान, संस्थान द्वारा विकसित नवीनतम दूध उत्पादों का प्रदर्शन, नई तकनीकों द्वारा गाभिन होने के पहचान, साहीवाल, गिर, थारपारकर संकर नस्ल कर्ण फ्रिज गायो एवं मुर्राह भैसो के प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताओं, कृषि एवं डेरी यंत्रो का प्रदर्शन, किसान एवं वैज्ञानिकों के बीच विचार-मंथन का भी आयोजन होगा।

इस मेले में किसान संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें कृषि एवं पशुपालन में सामने आ रही समस्याओं पर विचार विमर्श किया जाएगा। डा. सिंह ने किसानों एवं पशुपालकों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में भाग लें और कृषि एवं पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीकों के बारे में  जाने।

Advertisement