नेफेड ने हरियाणा में भेजे इतने प्याज, जानिए पूरा मामला !

हरियाणा के राशन डिपुओं पर लोगों को सस्ता प्याज बेचने की योजना खटाई में पड़ सकती है, क्योंकि इसके लिए नेफेड ने प्रदेश में प्याज की जो पहली खेप भेजी है, वह सड़ी हुई है। सूत्रों के अनुसार, प्याज इस कदर खराब हो चुके हैं कि उन्हें राशन डिपुओं पर लोगों को बेचना मुमकिन नहीं हैं। लिहाजा हरियाणा सरकार ने नेफेड से इन सड़े प्याजों को वापस उठाने के लिए कहा है। दरअसल, केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग कोओपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों व प्रधान सचिवों को पत्र भेजकर और वीडियो कांफ्रेंसिंग दोनों माध्यमों से आग्रह किया था कि मुंबई के बाहरी इलाकों में स्थित बंदरगाहों पर बाहर से मंगवाया गया आयातित प्याज पड़ा हुआ है।

केंद्र सरकार इस प्याज को राज्यों सरकारों को सस्ते दाम पर बेचने को तैयार है। इसलिए प्रदेश सरकारें आगे आएं और इसे खरीदकर अपने राशन डिपुओं पर सस्ते रेट पर लोगों को बेच दें। इसके लिए नेफेड ने 23 जनवरी को 21 रुपये प्रति किलो का रेट ऑफर किया था। लेकिन  29 जनवरी को  नेफेड 10 रुपये प्रति किलो के दाम पर भी प्याज बेचने को तैयार हो गई। हरियाणा सरकार ने इसी के मद्देनजर 1100-1100 मीट्रिक टन प्याज नेफेड से खरीदने का फैसला लिया। 1100 मीट्रिक टन का आर्डर हरियाणा सरकार पहले ऑफर रेट (21 रुपये) पर दे चुकी थी और शेष 1100 मीट्रिक टन सरकार 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदने जा रही थी। पहले आर्डर के तहत नेफेड ने हरियाणा के विभिन्न जिलों में ट्रकों के माध्यम से बाहर से आए आयातित प्याज भिजवाना शुरू कर दिया है। लेकिन प्याज की हालत बहुत ही खराब है।

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