मेरा पानी मेरी विरासत योजना के बारे किसानों को जागरूक करें अधिकारी: किरण सिंह

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) शाहबाद मारकंडा 21 मई, एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए किसानों से अपील की है कि वे जिस प्रकार आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी जमीन को विरासत के रूप में छोड़ कर जाते हैं, उसी प्रकार पानी को भी विरासत मान कर चलें, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा मेरा पानी-मेरी विरासत योजना की शुरुआत की है।

वीरवार को एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने एसडीएम कार्यालय में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी पटवारियों तथा ग्राम सचिवों के साथ टीम बनाकर शाहबाद क्षेत्र के गांवों में जाकर किसानों को इसके बारे में जागरूक करें। जिसके तहत इस सीजन में धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसल बोने वाले किसानों को प्रति एकड़ 7 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रदेश का कुछ हिस्सा डार्क जोन घोषित हो चुका है, जिसमें खंड शाहबाद भी शामिल है जहां पहले पानी की गहराई 20 मीटर थी, वो आज 40 मीटर हो गई है।

उन्होंने कहा कि पंचायत के अधीन भूमि, जहां भूमि जल स्तर 35 मीटर से ज्यादा है, उन ग्राम पंचायतों को पंचायती जमीन पर धान लगाने की अनूमति नहीं होगी। प्रोत्साहन राशि सम्बंधित ग्राम पंचायत को ही दी जाएगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि धान के स्थान पर कम पानी से तैयार होने वाली अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कि सब्जी, मक्का, अरहर, उड़द, ग्वार, कपास, बाजरा, तिल व ग्रीष्म मूंग की बुआई करें। इससे भावी पीढ़ी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

एसडीएम ने कहा कि मक्का की बिजाई के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों की भी व्यवस्था की गई है। मंडियों में मक्का के लिए ड्रायर की व्यवस्था की जाएगी। धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें उगाने के साथ-साथ यदि किसान सूक्ष्म सिंचाई व टपका सिंचाई प्रणाली अपनाते हैं तो 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों को मक्का के उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाने के लिए कुछ कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की इस योजना की अधिक से अधिक किसानों को जानकारी मिले, इसके लिए इस योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और एक वेब पोर्टल भी बनाया जाएगा जिस पर कठिनाइयों को हल करने के लिए जानकारी दे सकेंगे। इस अवसर तहसीलदार टी के गौतम कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. शशी पाल तथा खंड कृषि अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह मौजूद थे।

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