बेटी की शादी के लिए इकट्ठा किए थे पैसे, सड़क पर पैसे सुखाने को मजबूर हुआ ये परिवार, जानिए क्यों

इस वक्त महाराष्ट्र कोरोना के साथ-साथ बाढ़ का कहर झेल रहा है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़ प्रभावित लोगों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. पानी अपने साथ किसी का सामान बहाकर ले गया है, तो किसी के घर को अपने आगोश में ले लिया. भंडारा ज़िले के एक मज़दूर परिवार पर ये बाढ़ अलग तरह की मुसीबत लेकर आ. इस परिवार ने अपनी बेटी की शादी के लिए किसी तरह पैसे जमा किए थे, ये पैसे बाढ़ के पानी में भीग गए.

अब मज़दूर परिवार बचे हुए पैसों को सड़क पर सुखाने को मजबूर है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के पानी ने शादी के लिए इकट्ठा किया गया सामान भी ख़राब कर दिया. अगले महीने ही मज़दूर की बेटी की शादी होनी थी. दरअसल, विदर्भ में वैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से यह बाढ़ आ गई. भंडारा और गोंदिया जिले इससे खासे प्रभावित हैं. यहां के 62 गांव में रहने वाले करीब 18,000 लोगों पर इसका असर पड़ा है.

बचावकर्मी लगातार प्रभावितों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने काम कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि बाढ़ ने भंडारा और गोंदिया जिले में 1994 के बाद ऐसी तबाही मचाई है.

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