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Nationwide Mobile Siren Alert : देशभर में अचानक बजे फोन पर सायरन… किसी खतरे का संकेत था या सिर्फ टेस्ट ? जानिए क्या है पूरा सच

Nationwide Mobile Siren Alert

Nationwide Mobile Siren Alert

11:45 बजे देशभर में एक साथ आया इमरजेंसी अलर्ट, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का ट्रायल—घबराने की नहीं थी जरूरत

IBN24 News Network (Kajal Panchal) 

शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे देशभर में अचानक मोबाइल फोन से तेज सायरन की आवाज सुनाई दी। स्क्रीन पर चेतावनी जैसा मैसेज उभरा और कुछ ही सेकंड में वही मैसेज फोन ने पढ़कर भी सुनाया। इस अप्रत्याशित अलर्ट ने कई लोगों को चौंका दिया—कहीं डर, तो कहीं उलझन देखने को मिली। लेकिन थोड़ी ही देर में स्पष्ट हो गया कि यह कोई खतरा नहीं, बल्कि एक अहम सुरक्षा सिस्टम की टेस्टिंग थी।

देशभर में एक साथ किया गया अलर्ट सिस्टम का परीक्षण
यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भेजा गया था। इसका उद्देश्य इमरजेंसी के समय लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने वाले सिस्टम की जांच करना था। 2 मई को देशभर में एक साथ यह ट्रायल किया गया, जिससे सिस्टम की क्षमता को परखा जा सके।

हर राज्य तक पहुंचा संदेश, कई भाषाओं में अलर्ट
इस टेस्ट के तहत राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों में एक साथ अलर्ट भेजा गया। मैसेज को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में भी जारी किया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे समझ सकें।
मैसेज में साफ लिखा था कि यह केवल एक टेस्ट है और किसी तरह की प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है।

पहले से दी गई थी जानकारी
सरकार ने पहले ही लोगों को सूचित कर दिया था कि उन्हें एक ट्रायल मैसेज मिल सकता है। इसका मकसद था लोगों को तैयार रखना और अनावश्यक घबराहट से बचाना।

‘SACHET’ सिस्टम से जुड़ी है पूरी प्रक्रिया
इस अलर्ट सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स ने तैयार किया है। ‘SACHET’ नाम का यह प्लेटफॉर्म इमरजेंसी स्थितियों में तेजी से चेतावनी देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है।

सवाल बड़ा : आम समस्याओं पर कब मिलेगा ऐसा ही अलर्ट ?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब एक नया एंगल सामने आ रहा है। जब सरकार कुछ सेकंड में पूरे देश तक अलर्ट पहुंचा सकती है, तो क्या यही सिस्टम आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को जानने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता?महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, शिक्षा जैसी चुनौतियां हर दिन आम आदमी को प्रभावित करती हैं। लेकिन इन मुद्दों पर सीधे जनता से फीडबैक लेने के लिए ऐसा कोई तेज और व्यापक सिस्टम नजर नहीं आता।

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक क्या है खास
इस ट्रायल में जिस तकनीक का इस्तेमाल हुआ, उसे सेल ब्रॉडकास्ट कहा जाता है। इसमें किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ मैसेज भेजा जाता है। यानी किसी आपदा की स्थिति में सेकंड्स के भीतर बड़ी आबादी तक सूचना पहुंचाई जा सकती है।

पहले भी हो चुका है बड़े पैमाने पर इस्तेमाल
इस सिस्टम के जरिए पहले ही मौसम से जुड़ी चेतावनियां और चक्रवात अलर्ट भेजे जा चुके हैं। अलग-अलग भाषाओं में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंचाने का काम यह तकनीक कर चुकी है।

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2026-05-02
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