DC निशांत कुमार यादव ने बताए कोरोना वायरस से बचने के उपाय

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर(ब्यूरो) करनाल 12 मार्च, उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जिले के लोगों से कहा है कि कोरोना वायरस बिमारी से किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी और बचाव ही इसका ईलाज है। फिर भी यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दें, तो उसकी सूचना जिला नागरिक अस्पताल या कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अवश्य दें। ताकि ऐसे व्यक्ति की जांच की जा सके और संक्रमण की पुष्टि की जा सके। उपायुक्त गुरूवार को लघु सचिवालय में इस विषय पर आयोजित एक बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ रूबरू थे। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अश्वनी आहुजा भी उपस्थित थे।

क्या है कोरोना वायरस- बीते वर्ष 2019 में चीन के हुबई प्रान्त के शहर वुहान में कोरोना का मामला प्रकाश में आया और धीरे-धीरे ये विश्व के दूसरे देशों में भी फैल गया और इसका नाम कोविड-19 (कोरोना वायरस डीजिज) हो गया। ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब यह विश्व के 124 देशों में फैल गया है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे पेनडैमिक यानि महामारी का नाम दिया है और यह भी कहा है कि इससे किसी प्रकार का खतरा नही है, बल्कि जागरूक और सजग रहने की जरूरत है।

समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अभी तक कोई दवाई या वेक्सीन ईजाद नही हुई है, लेकिन रिसर्च जारी हैं। क्योंकि इस तरह के वायरस पर नियंत्रण के लिए दवाई तैयार करने में कुछ समय लगता है।

कोरोना को लेकर करनाल की स्थिति- करनाल की जनता के लिए अच्छी खबर यह है कि जिला में अब तक कोविड-19 का कोई भी मामला पोजिटिव नही हुआ है। अलबत्ता जनता को जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में प्राचार्य/मुख्यअध्यापक के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सुपरवाईजरों के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

क्या है तैयारी- इस बारे सिविल सर्जन डॉ. अश्वनी आहुजा ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल व कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में आईसोलेटिड यानि अलग से वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक बाहर से एयर पोर्ट के जरिए 17 यात्रि करनाल आए थे। उनमें से 4 के सैंपल लेकर लैबोरेट्री में टेस्ट करवाए गए जो सभी नेगिटिव पाए गए। सेंपल टेस्ट करवाने की सुविधा पीजीआई रोहतक और मेडिकल कॉलेज खानपुर(सोनीपत) में उपलब्ध है। दोनों अस्पतालों में वेन्टीलेटर की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

क्या है कोरोना के लक्षण- खांसी बुखार व सांस लेने में तकलीफ के लक्षण पाये जाने पर किसी को भी लापरवाही नही बरतनी चाहिए। बल्कि तुरंत नजदीकी डॉक्टर से सम्पर्क करें।

क्या करें- बैठक में बताया गया कि अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें। साबुन से लगातार हाथ धोते रहें। छींकने और खांसने के दौरान अपना मुँह ढकें। भीड़-भाड़ वाले स्थान पर एक व्यक्ति, दूसरे से दूरी बनाएं रखें। अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टर से मिलें। किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण या संक्रमण दिखाई दे तो उसकी सूचना के लिए हेल्प लाईन नम्बर 108 तथा ट्रोमा सैंटर के नम्बर 0184-4076099 पर सम्पर्क करें।

क्या न करें- खांसी और बुखार हो तो किसी के सम्पर्क में ना आएं। सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकें। कच्चे अधपके मांस के सेवन से बचें। जानवरों के वध किए जाने वाले स्थानों पर ना जाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में ना पड़ें। अफवाहों, आधारहीन सूचनाओं पर विश्वास ना करें। कोविड-19 से बचाव के लिए निम्र को भी याद रखें।

डब्ल्यू-यू-एच-ए-एन    (वुहान)

डब्ल्यू-   वाश हैंडस (हाथ धोंए)

यू-      यूज मास्क प्रोपर्ली (उचित तरीके से मास्क का प्रयोग करें।)

एच-  हैव टेम्प्रेचर चैक्ड रेगुलरली (तापमान नियमित रूप से चैक रखें।)

ए-  अवाएड लार्ज क्राऊडस (भीड़ से दूर रहें।)

एन-   नैवर टच यूअर फेस विद अनक्लीन हैंडस (अस्वच्छ हाथों से चेहरे को ना छूएं।)

कोरोना को लेकर समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो वीडियो भी दिखाई गई। पहली वीडियो में बताया गया कि कोरोना को लेकर किसी प्रकार की चिन्ता ना करें क्योंकि कोरोना से संक्रमित 98 प्रतिशत व्यक्ति बचाव के तरीकों से ठीक हो जाते है और इस प्रकार ये जानलेवा नही हैं। इसका वारयस कम तापमान में ज्यादा फैलता है, अधिक तापमान से ये डरता है। ज्यादा ठंडी चीजे ना खाए। दूसरी वीडियो में ऐम्स के निदेशक ने बताया कि सब को मास्क पहनने की जरूरत नही, यदि किसी को जुखाम, खांसी व नजला हो तो वह पहन सकता है। इसका वायरस 2 मीटर की दूरी तक ही जा सकता है। एल्कोहोल से इसका कोई लेना देना नही। प्रारंभ में यह पशु से मनुष्य में और अब मनुष्य से मनुष्य में आ गया है। गर्म पानी या गर्म चीजो के सेवन से भी कोरोना का कोई लेना देना नही। इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। नियंत्रण के अच्छे उपाय इसके लिए जरूरी है।

बैठक में डीइइओ रोहताश वर्मा, डीपीओ राजबाला, कोरोना के नोडल डॉ. मंजू पाठक, डॉ. नरेश करडवाल, डॉ. पीयूष शर्मा, डॉ. सिम्मी कपुर, डॉ. नीलम वर्मा, डॉ. रविन्द्रा संधु, डॉ. रवि कुमार, डॉ. राजबीर, डॉ. राजेश गर्ग, स्टेट केमिस्ट अमित कुमार सिंह तथा डॉ. अमनदीप सिंह भी उपस्थित रहे।

 

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