ममता का परिवार फंसा घोटाले में: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बहू से पौने दो घंटे चली CBI की पूछताछ

कोयला घोटाले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बहू रुजिरा बनर्जी से CBI ने करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, CBI ने रुजिरा से पैसों के लेनदेन और अचानक संपत्ति बढ़ने को लेकर कई सवाल किए। बताया जाता है कि इस दौरान रुजिरा के साथ उनके पति अभिषेक भी मौजूद रहे।

CBI के पहुंचने से पहले ममता पहुंची थी भतीजे के घर

जांच एजेंसी की टीम अभिषेक के घर पहुंचती इससे पहले ही ममता, बहू और भतीजे से मिलने उनके घर पहुंचीं। वे यहां करीब 10 मिनट तक रहीं और जाते समय आठ साल की पोती को साथ ले गईं।

वे नहीं चाहती थीं कि पूछताछ के दौरान पोती वहां मौजूद रहे। इससे पहले सोमवार को CBI ने अभिषेक की साली मेनका गंभीर से भी करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। इस मामले में अभिषेक के कई करीबी दोस्त CBI के शिकंजे में हैं।

CBI कार्रवाई पर तृणमूल आगबबूला

अभिषेक बनर्जी के करीबियों के घर और दफ्तर में छापेमारी से तृणमूल कांग्रेस के नेता आगबबूला हैं। उनका आरोप है कि भाजपा बंगाल चुनाव में दबाव बनाने के लिए CBI का सहारा ले रही है। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा के साथ कोई सहयोगी नहीं है।

CBI और ED ही उनके सहयोगी हैं। इन्हीं की मदद से वे अन्य पार्टियों को धमकाते हैं। तृणमूल पर भी दबाव बनाया जा रहा है। हमारे नेताओं को जो भी नोटिस दिया गया है, उसका कानूनी तरीके से मुकाबला करेंगे।

भाजपा ने कहा, गलत काम करने वाले ही डरते हैं

तृणमूल के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि CBI ने इस मामले की जांच काफी पहले शुरू कर दी थी। यह पहली बार नहीं है जब नोटिस भेजे जा रहे हैं और पूछताछ हो रही है। CBI कानून के दायरे में रहते हुए काम कर रही है। तृणमूल के लोग इसलिए डर रहे हैं क्योंकि उन्होंने गलत किया है। जो लोग गलत काम करते हैं वही डरते हैं।

शुक्रवार को 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी

इसी मामले में CBI ने शुक्रवार को राज्य के पुरुलिया, बांकुरा, बर्दवान और कोलकाता में 13 जगहों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी युवा तृणमूल कांग्रेस के नेता विनय मिश्रा, व्यवसायी अमित सिंह और नीरज सिंह के ठिकानों पर हुई थी। छापे के दौरान कोई भी घर पर मौजूद नहीं था। इससे पहले 11 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान में छापेमारी की थी।

अवैध रूप से हजारों करोड़ का कोयला बेचने का आरोप

कोयला घोटाले में तृणमूल के नेताओं पर आरोप लगे हैं। इसमें अभिषेक का नाम भी शामिल है। आरोप है कि बंगाल में अवैध रूप से कई हजार करोड़ के कोयले का खनन किया गया और एक रैकेट के जरिए इसे ब्लैक मार्केट में बेचा गया। इस मामले में दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में भी CBI ने कोलकाता के CA गणेश बगारिया के दफ्तर में छापा मारा था।

सितंबर में जांच शुरू हुई थी

पिछले साल सितंबर में कोयला घोटाले की जांच शुरू हुई थी। तभी से भाजपा आरोप लगाती रही है कि तृणमूल नेताओं ने कोयला घोटाले से मिली ब्लैक मनी को शेल कंपनियों के जरिए व्हाइट मनी में बदला। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक को हुआ है।

अभिषेक तृणमूल की युवा विंग के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पार्टी में विनय मिश्रा समेत 15 युवाओं को महासचिव बनाया था। विनय शुरू से ही कोयला घोटाले के आरोपी हैं। तृणमूल ने CBI जांच पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो नामंजूर हो गई थी।

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