किसानों के साथ-साथ अब आप भी कर सकते हैं घर बैठे मोटी कमाई, जानिए नई स्कीम के बारे में…

गुड़ का व्यापार कर अब अच्छी कमाई की जा सकती है. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (NCDEX) ने 15 दिसंबर से गुड़ वायदा सौदों की शुरुआत की थी. इससे गुड़ का उत्पादन करने वालों के लिए व्यापार एक नया रास्ता खुला है. गुड़ का डिलीवरी सेंटर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर को बनाया गया है. मुजफ्फरनगर का गुड़ बाजार एशिया में सबसे बड़ा गुड़ का बाजार है. यहां से पूरे देश में गुड़ की सप्लाई होती है. सर्दियों में गुड़ की डिमांड काफी बढ़ जाती है. इसलिए अब कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर गुड़ में ट्रेडिंग से अच्छी खासी कमाई की जा सकती है.

किसानों के खेतों में गन्ने की उपज कम निकलने और गन्ने की रिकवरी कम आने के कारण व्यापारियों को आशंका है कि इस बार गन्ने का सीजन अप्रैल तक समाप्त हो जाएगा. हालांकि, पिछले सालसीजन जून तक चला गया था.

क्या है एनसीडीईएक्स- जिस तरह शेयर बाजार में शेयरों को खरीदा और बेचा जाता है. ठीक वैसे ही कमोडिटी बाजार में कमोडिटी की खरीद-फरोख्‍त होती है. कमोडिटी को वस्तु कहा जाता है. इसमें में एग्री और नॉन-एग्री कमोडिटी शामिल हैं. नॉन-एग्री कमोडिटी की सूची में सोना-चांदी, बेस मेटल्स और एनर्जी आते हैं. वहीं, एग्री कमोडिटीज में ग्वार, मेंथा, चना, सोयाबीन, कपास, कैस्टर, हल्दी और जीरा जैसी कमोडिटी शामिल हैं.

वायदा सौदा क्या होता है?

किसी भी अगली तारीख को किया जाने वाला कारोबारी सौदा, जिसमें शेष भुगतान और डिलीवरी उसी तारीख को होती है. ऐसे सौदे को वायदा सौदा के नाम से जाना जाता है. उत्पादक भविष्य में कीमतों की गिरावट की संभावना को देखते हुए वायदा कारोबार को सुरक्षा कवच के रूप में अपनाते हैं.

अब गुड़ का वायदा सौदा

फिलहाल 2021 के जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और जून के लिए गुड़ वायदा कारोबार के सौदे को शुरू किया गया है. एक यूनिट में दस मिट्रिक टन गुड़ की मात्रा तय की गई है और इसका सौदा गुड़ के एक मन (40 किलो) के भाव के आधार पर रहेगा. दुनिया में भारत गुड़ के उत्पाद में आगे है. दुनिया के कुल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत के आसपास है. अभी तक गुड़ उत्पादकों और व्यापरियों के लिए कोई कीमत या मानक उपलब्ध नहीं था.

आने वाले दिनों में बढ़ेंगे भाव

बाजार के जानकारों का मानना है कि कोहरे और ठंड की वजह से आने वाले दिनों में गुड़ की सप्लाई घट सकती है. ऐसे में बाजार में गुड़ के भाव में तेजी देखने को मिल सकती है. उनका कहना है कि गुड़ वायदा कारोबार शुरू होने का लाभ गुड़ उत्पादकों को मिलेगा. उन्हें आने वाले दिनों में गुड़ के भावों का अनुमान रहेगा. इसके अलावा वायदा कारोबार से गुड़ के भावों अनावश्यक मंदी रुकेगी.

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