अब भाग्य से नहीं धन से ही मिलेंगे शराब की दुकानों के परमिट…

नई आबकारी नीति लागू

डूंगरपुर. शराब की दुकानों के अनुज्ञा पत्र अब लॉटरी से नहीं बल्कि ऑनलाइन नीलामी से जारी होंगे। एक व्यक्ति एक जिले में दो तथा प्रदेश में अधिकतम 5 दुकानें ले सकेगा।

यह जानकारी जिला कलक्टर सुरेशकुमार ओला तथा जिला आबकारी अधिकारी महेंद्रसिंह शेखावत ने शुक्रवार को आबकारी एवं मद्य संयम नीति वर्ष 2021-22 को लेकर हुई प्रेसवार्ता में दी।

कलक्टर ओला ने बताया कि राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की है, जिसके तहत सरकारी शराब की दुकानों के लिए शुक्रवार से Online registrationOnline registration शुरू हो चुके है, जो 22 फरवरी तक चलेंगे। रजिस्ट्रेशन पूर्णतया नि:शुल्क है।

23 से 27 फरवरी तक पांच चरणों में ई-नीलामी होगी। इसमें डूंगरपुर जिले की भी 50 दुकानें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ई-नीलामी में तीन केटेगरी रखी गई है। 50 लाख रुपए तक रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए 40 हजार रुपए आवेदन शुल्क व 50 हजार रुपए अमानत राशि तय की गई है।

50 लाख से 2 करोड़ तक की रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए 50 हजार रुपए आवेदन शुल्क व एक लाख रुपए अमानत राशि तथा दो करोड़ रुपए से अधिक रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए 60 हजार रुपए आवेदन शुल्क व 2 लाख रुपए अमानत राशी रहेगी।

आवेदन शुल्क नॉन रिफण्डेबल रहेगा। उन्होंने बताया कि शराब की दुकानों के ई-ऑक्शन में एक व्यक्ति जिले में अधिकतम दो और प्रदेश में अधिकतम पांच दुकानें ही ले सकता है।

सभी दुकानें होंगी कम्पोजिट

पूर्व में शहरी क्षेत्र में अंग्रेजी व देशी मदिरा की दुकानें अलग-अलग हुआ करती थी, लेकिन नई नीति में सभी दुकानें कम्पोजिट रहेंगी। अर्थात् सभी दुकानों पर देशी तथा अंग्रेजी शराब की बिक्री होगी।

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