कुरुक्षेत्र चिडिय़ाघर में फिर सुनाई दी शेरनी साक्षी के दो नन्हें शावकों की गूंज

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) कुरुक्षेत्र 30 मई, पिपली चिडिय़ाघर में एक बार फिर शेरनी साक्षी के दो नन्हें शावकों की गूंज सुनाई दे रही है। इस चिडिय़ाघर में साक्षी ने 17 मई को 3 शावकों को जन्म दिया है। इन शावकों में एक शावक की कमजोरी के कारण 48 घंटे के अंदर ही मौत हो गई थी, इस मृतक शावक को साक्षी ने स्वयं अपने दोनों शावकों से अलग कर दिया था ताकि दूसरे बच्चे संक्रमण से बचे रहे।

इस बार साक्षी स्वयं अपने बच्चों को दूध पिलाकर पालन पोषण कर रही है। इन दोनों बच्चों और मां की देखभाल पर चिडिय़ाघर के अधिकारी सीसीटीवी कैमरे से ही निगरानी कर रहे है। अहम पहलू यह है कि साक्षी को चिकित्सक डा. अशोक खासा की सलाह के अनुसार खाना दिया जा रहा है। इतना ही नहीं शेर गीत को भी अलग रखा जा रहा है ताकि साक्षी अपने बच्चों की देखभाल ठीक ढंग से कर सके।

कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण पिपली चिडिय़ाघर को मार्च माह से आमजन के लिए बंद कर दिया गया था, इस लॉकडाउन के बीच पिपली चिडिय़ाघर में 17 मई को अधिकारियों को एक खुशी की खबर साक्षी ने दी। इस दिन साक्षी ने 3 शावकों को जन्म दिया। इन शावकों को पिपली चिडिय़ाघर के अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की मदद से देख रहे है। इस कैमरे के जरिए ही चिडिय़ाघर के अधिकारियों ने देखा की साक्षी ने 48 घंटे बाद  मृतक शावक को दूसरे शावकों से अलग कर दिया है।

पिपली चिडिय़ाघर के निरीक्षक तेजबीर सिंह ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि साक्षी ने 3 बच्चों को जन्म दिया था, जिनमें से दो बच्चों की देखभाल स्वयं साक्षी कर रही है और उनको दूध भी पिला रही है। इस समय अधिकारी और कर्मचारी केवल सीसीटीवी कैमरे की नजर से ही साक्षी और उनके दोनों बच्चों पर नजर रखे हुए है। साक्षी को चिकित्सक डा. अशोक खासा की सलाह के अनुसार भोजना दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि साक्षी ने 7 जून 2018 को 5 शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत 24 घंटे बाद हो गई थी और 3 शावकों सुधा, गीता और अर्जुन को अमरिका से दूध मंगाकर पाला गया, अब यह तीनों शावक रोहतक चिडिय़ाघर में है। हालांकि साक्षी चौथी बार मां बनी है, इससे पहले 5 मई 2017 को साक्षी ने 3 शावकों और 2 दिसम्बर 2016 को साक्षी ने दो शावकों को जन्म दिया था, लेकिन यह शावक बच नहीं पाए थे।

उन्होंने बताया कि साक्षी व गीत को 2015 में गुजरात के जूनागढ़ से लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि साक्षी अपने दोनों बच्चों के साथ 24 घंटे रह रही है और यहां पर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है और तीनों 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इन शावकों के जन्म से पिपली चिडिय़ाघर के सभी अधिकारी और कर्मचारी काफी खुश है। इसकी रिपोर्ट नियमित रुप से मुख्यालय को दी जा रही है।

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