नीलोखेड़ी स्थित गुरूकुल में बनाया कोविड केयर सेंटर, जिसमें उपलब्ध करवाई ये सुविधाएँ- DC निशांत कुमार।

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 19 जून, जिला के नीलोखेड़ी क्षेत्र स्थित गुरूकुल में कोविड केयर सेंटर अपने मकसद को लेकर सफलतापूर्वक तरीके से कार्य कर रहा है। कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों के लिए हर पहलू से माकूल इस जगह का चुनाव उपायुक्त करनाल निशांत कुमार यादव ने किया था। बीती 12 जून से अब तक यहां 63 कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति आ चुके हैं, इनमें से 9 व्यक्ति ठीक यानि नेगेटिव रिपोर्ट के बाद अपने घर चले गए हैं, शुक्रवार तक 54 व्यक्ति मौजूद थे। इनमें 29 पुरूष, 23 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल हैं। गुरूकुल में पुरूष और महिलाओं को रखे जाने की अलग-अलग व्यवस्था है।उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कोविड केयर सेंटर गुरूकुल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयुष विभाग के तीन-तीन डॉक्टर सुबह, शाम और रात यानि 24 घण्टे ड्यूटी पर रहते हैं। नीलोखेड़ी स्थित सरकारी अस्पताल के डॉक्टर भी सुबह और रात्रि में यहां का दौरा करते हैं और कोरोना पेशेंट की स्थिति और उपचार को भी सुनिश्चित करते हैं। नीलोखेड़ी से ही एक काउंसलर भी रोजना कोविड केयर सेंटर में आकर कोरोना मरीजों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मैडिकल फैसीलिटी के तहत सभी कोरोना रोगियों का चैकअप किया जाता है, जिसमें 2 बार टैम्प्रेचर व ऑक्सीजन लेवल देखा जाता है। रक्त चाप व मधुमेह के रोगियों की नियमित हैल्थ चैकिंग के साथ-साथ दवाईयां दी जाती हैं, ताकि वे स्वस्थ बने रहें।उपायुक्त ने बताया कि अब यहां कोरोना टेस्ट भी किए जाएंगे और टेस्ट के बाद जिन रोगियों की रिपोर्ट नेगेटिव आएगी, उन्हें 7 दिन के होम क्वारंटाईन के लिए घर भेजा जाएगा। जो पेशेंट अब तक यहां आए हैं, उनमें मैडिकल कॉलेज मुलाना से भी यहां 10 पेशेंट आए थे, कल्पना चावला राजकीय मैडिकल कॉलेज से भी पेशेंट यहां भेजे जा रहे हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विशाल गुरूकुल भवन में 196 कमरे कोविड केयर सेंटर के लिए रखे गए हैं। फिलहाल यहां रह रहे सभी रोगियों को प्रथम तल पर बड़े-बड़े कमरों में रखा गया है। सोशल डिस्टैंसिंग का ध्यान रखते हुए एक कमरे में तीन-तीन बेड लगाए गए हैं। सफाई का खास ध्यान रखा जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि सभी कोरोना रोगियों के लिए भोजन की खास व्यवस्था की गई है। ब्रेक फास्ट से पहले उन्हें 5 बजे उठाया जाता है, फिर शौचादि से निवृत्ति केबाद सभी को खुले व हरे-भरे मैदान में ले जाकर योग कराया जाता है, जो सुबह-शाम होता है। योग के साथ-साथ यह लोग क्रिकेट, बास्केटबाल और फुटबाल भी खेलते हैं, ऐेसे सभी खेलों की यहां व्यवस्था है। बे्रक फास्ट में दही, परांठा, दलिया जैसा पोष्टिक भोजन शामिल होता है। लंच में दाल, चावल व रोटी और डिनर में भी दाल, सब्जी व रोटी दी जाती है। शाम को चाय भी सर्व की जाती है। उपायुक्त ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों के लिए गुरूकुल में जिस तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं, उसमें व्यक्ति हर वक्त अपने आपको तंदरूस्त व तरोताजा महसूस करते हैं और अभी तक किसी भी तरह की शिकायत नहीं मिली। डॉक्टरों के अलावा पंचायती राज, खाद्य एंव आपूर्ति, स्वास्थ्य और खेल विभाग के कोच ड्यूटी पर लगाए गए हैं। तहसीलदार नीलोखेड़ी को कोविड केयर सेंटर का ओवर ऑल इंचार्ज बनाया गया है।

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