जानिए कैसे होगा सरकारी कर्मचारियों के लिए इस साल बोनस का कैलकुलेशन

नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गैर-उत्पादकता सें संबंधित बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना के लिए 7,000 रुपये की सीमा तय की है. बोनस गणना की इस सीमा के साथ कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा. व्यय विभाग की ओर से गुरुवार को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है, ‘गैर उत्पादकता आधारित बोनस मात्रा परिलब्धियों/गणना की सीमा जो भी कम होगा, उसके हिसाब से तय होगा.’ एक उदाहरण देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि 7,000 रुपये की मासिक परिलब्धियों की मासिक गणना के हिसाब से 30 दिन का गैर-उत्पादकता आधारित बोनस 6,908 रुपये होगा.

ये कर्मचारी होंगे बोनस के पात्र – व्यय विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति ने समूह सी और समूह बी में सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को, जो उत्पादकता से जुड़े बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं, को लेखा वर्ष 2019-20 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर गैर-उत्पादकता आधारित बोनस (तदर्थ-बोनस) देने की अनुमति दी है. ज्ञापन में कहा गया कि इन आदेशों के तहत तदर्थ बोनस के भुगतान के लिए गणना की सीमा मासिक 7,000 रुपये होगी. विभाग ने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के कर्मचारी इस तदर्थ बोनस के लिए पात्र होंगे.

कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा देने वाले को मिलेगा बोनस – केवल वे कर्मचारी जो 31 मार्च, 2020 तक सेवा में थे और वर्ष 2019-20 के दौरान कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा दे चुके हैं, वे इस आदेश के तहत भुगतान के लिए पात्र होंगे. मंत्रिमंडल ने बुधवार को केंद्र सरकार के 30.67 लाख कर्मचारियों को त्योहारी सीजन के दौरान खर्च को बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में मांग तेज करने के लिए 3,737 करोड़ रुपये बोनस देने का फैसला किया था.


30 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा फायदा- बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 30.67 लाख कर्मचारियों को बोनस देने का फैसला लिया गया. लाखों कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली से पहले 3,737 करोड़ रुपये बोनस देने का फैसला किया गया है. रकम सीधे कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी. बोनस का भुगतान तत्काल करने के लिए कह दिया गया है. केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रोडक्टिविटी से जुड़े बोनस और नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को अपनी मंजूरी दे दी है. देश के 30 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है.

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