Gold को लेकर जान लें मोदी सरकार का नया कानून, इस दिन से होगा लागू

नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने गोल्ड हॉलमार्किंग (Gold Hallmarking) नियमों को अगले साल पूरे देश में लागू करने जा रही है. इसी साल जनवरी महीने में केंद्र सरकार ने सोने के आभूषणों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने का फैसला लिया था. अब पूरे देश में 1 जून 2021 से गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य हो जाएगी. अब ज्वेलर्स (Jewellers) आम उपभोक्ता को ठग नहीं पाएंगे, क्योंकि इसके साथ ही देश में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (New Consumer Protection Act 2019) भी लागू हो गया है. यह नया नियम सोने के गहनों (Gold Jewellery) पर भी लागू होगा. इस नए कानून के लागू हो जाने के बाद अब अगर जूलर्स ने आपके साथ धोखा किया तो सख्त कार्रवाई होगी.

गोल्ड हॉलमार्किंग के नियमों में फिर हुआ बड़ा बदलाव

बता दें कि अब आपको अगर 22 कैरेट का सोना बताकर 18 कैरेट का सोना बेचा तो जूलर्स को जुर्माना और जेल भी हो सकता है. केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी में नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि गोल्ड ज्वेलरी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग 15 जनवरी 2021 से लागू होगी, लेकिन इसी साल जुलाई महीने में केंद्र सरकार ने इसको लागू करने की तारीख 1 जून 2021 कर दी थी.


ज्वेलर्स एसोसिएशन की यह है दलील

ज्वेलर्स एसोसिएशन लगातार दलील दे रही थी कि इतने कम समय में लागू करना मुश्किल होगा. इस प्रक्रिया के तहत ज्वेलर्स को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी BIS के तहत खुद को रजिस्टर्ड कराना होता है. ज्वेलर्स की दलील थी कि वक्त बहुत कम मिला है. इसी साल जुलाई महीने में ज्वेलर्स ने केंद्र सरकार से डेडलाइन की समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था.

सोने की गुणवत्ता पर क्यो होगा असर?

हॉलमार्क एक तरह की सरकारी गारंटी है और इसे देश की एकमात्र BIS तय करती है. हॉलमार्क देखकर खरीदने का यह फायदा है कि अगर आप निकट भविष्य में जब भी इसे बेचने जाएंगे तो आपको कम दाम नहीं मिलेंगे, बल्कि आपको सोने का खरा दाम मिलेगा.

ज्वेलर्स क्यों हैं परेशान?

इस फैसले को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने ज्वेलर्स को एक साल का समय दिया है, क्योंकि जूलर्स अपना पुराना स्टॉक एक साल में क्लीयर कर लें सकें. देश में हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है. एक अनुमान के मुताबिक इस समय देश में 900 के आस-पास हॉलमार्किंग केंद्र हैं, जिसे और बढ़ाया जा रहा है.

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