करनाल नगर निगम ने खोला बर्तन बैंक, धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सिक्योरिटी देकर ले सकते है बर्तन

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 8 अक्तूबर, धार्मिक कार्यक्रमो में हानिकारक प्लास्टिक निर्मित प्लेट, कटोरी व गिलास जैसी बर्तन आईटमो पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम में दोबारा बर्तन बैंक चालू कर दिया गया है, जो कोरोना के चलते कुछ समय के लिए बंद हो गया था। इसी प्रकार पॉलिथीन थैलियों के इस्तेमाल को रोकने के लिए मजबूत कपड़े से निर्मित थैले भी नगर निगम कार्यालय में 20 रूपये के वाजिब रेट पर उपलब्ध हैं।

कोई भी नागरिक निगम में आकर थैले को खरीद सकता है। धार्मिक आयोजन या भंडारे जैसे कार्यक्रमो के लिए निगम कार्यालय से मात्र 2 हजार रूपये की धरोहर राशि देकर उम्दा स्टील से निर्मित बर्तनो के सैट प्राप्त किए जा सकते हैं। ऐसी जरूरत के लिए एप्लीकेशन कम से कम एक सप्ताह पहले देनी होगी, बर्तन लेकर प्रयोग के बाद उन्हें दोबारा साफ करके निगम कार्यालय में जमा कराकर धरोहर राशि वापिस ली जा सकती है।

पॉलिथीन और डिस्पोजेबल प्लास्टिक प्रदूषण और स्वास्थ्य दोनो के लिए हानिकारक- जिला नगर आयुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि आम नागरिक डिस्पोजेबल प्लास्टिक और पॉलिथीन कैरीबैग या कन्टेनर के प्रयोग को कम्फर्टेबल मानता है, लेकिन उसे यह नहीं मालूम कि इसके प्रयोग से ना केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि प्रदूषित वातावरण और जहां भी गिरे वहां जमीन बंजर कर देता है, जिससे वर्षा का पानी रिर्चाज नहीं हो सकता। प्रयोग के लिए कुछेक प्लास्टिक हैं, जो नियमो के अनुकूल बनाए गए हैं और भारत सरकार से अप्रूव्ड हैं।

लेकिन सस्ते और रिसाईकिल प्लास्टिक या पॉलिथीन के दुष्परिणाम जान लेने के बाद व्यक्ति इनसे तौबा कर सकता है। रिसर्च बताती हैं कि हानिकार पॉलिथीन गर्म वस्तु के स्पर्श से उसमें मौजूद सारी वस्तु या खाद्य सामग्री को दूषित कर देता है, जिससे केंसर जैसी बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। इन बातों को देखते नगर निगम, जो शहर के नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराता है, का यह भी कर्तव्य है कि वे लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे और प्रदूषण में सहायक तथा साफ-सफाई को बाधित करने वाले प्लास्टिक के प्रयोग से परहेज करने के लिए कहे।

नगर निगम दोबारा चलाएगा जागरूकता अभियान- उन्होंने कहा कि नगर निगम इसके लिए समय-समय पर अभियान भी चलाता है, बावजूद इसके छोटे दुकानदार व रेहड़ी वाले पुन: अपने और ग्राहको के स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर घटिया पॉलिथीन थैलियों का प्रयोग करने से नहीं कतराते। नगर निगम की सख्ती से पिछले दिनो अच्छा-खासा प्रभाव पड़ा था, लेकिन कोरोना के आ जाने से दोबारा पॉलिथीन कैरीबैग का प्रयोग होने लगा। इसके लिए दुकानदार और ग्राहक दोनो दोषी हैं। इनके प्रयोग को रोकने के लिए निगम दोबारा अभियान चलाएगा, लेकिन पॉलिथीन थैलों की जगह इसका एक बेहतर विकल्प कपड़े के थैले पहले की तरह उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रोजाना सैंकड़ो नागरिक नगर निगम कार्यालय में किसी ना किसी काम से आते हैं, वे बहुत ही सस्ती दर पर उपलब्ध कपड़े के थैलों को जरूर लेकर जाएं और बाजार से साग-सब्जी या अन्य सामान लाने के लिए उन्हीं का प्रयोग करें, इससे पॉलिथीन थैलो के प्रयोग पर काफी अंकुश लगेगा। निगम कार्यालय से थैले और बर्तन प्राप्त करने के लिए मार्किट एरिया में मनादी भी करा दी गई है।

नियम तोडऩे वालों पर लगेगा जुर्माना- इस बारे जिला नगर आयुक्त ने कहा है कि जो दुकानदार या रेहड़ी वाला पॉलिथीन कैरीबैग में ग्राहकों को सामान देगा, उस पर जुर्माना लगेगा। इसी प्रकार जिन कार्यक्रमो में हानिकारक डिस्पोजल बर्तनो का प्रयोग दिखाई देगा, वहां के आयोजन कर्ताओं पर भी जुर्माना लगाया जाएगा, जिसके राशि 500 से 25000 रूपये तक है। पता लगाने के लिए निगम छापेमारी करेगा।

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