करनाल प्रशासन ने जारी किया ये एप, मिलेंगी ये ये सुविधाएँ

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 28 अप्रैल, उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कोविड -19 के संकट के दौरान सरकारी सेवाओं को प्रदान करने और हरियाणा राज्य के नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए जन सहायक हेल्प मी नाम से एक मोबाइल ऐप विकसित किया है। फिलहाल इस ऐप पर 12 तरह की सेवाएं व सहायता आम लोगों को मिलेंगी। कोई भी नागरिक प्ले स्टोर पर जाकर इस ऐप को डाउनलोड कर सकता है।

उपायुक्त ने जिलावासियों से यह ऐप डाउनलोड करने की अपील करते हुए कहा कि यह एक इंटीग्रेटेड ऐप है जो नागरिकों को एक ही मोबाइल ऐप में सभी सुविधाएं प्रदान करेगी। आमजन को पहले अपने मोबाइल फोन नंबर और ओटीपी के साथ खुद को पंजीकृत करना है। एक बार पंजीकरण होने के बाद नागरिक सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से नागरिक जरूरत के अनुसार एलपीजी सिलेंडर, एम्बुलेंस, डॉक्टर, गेहूं की ई-खरीद, स्थानांतरण पास, बैंक, यात्रा बुक करने, सूखा राशन, पका हुआ भोजन, वॉलंटियर की मदद, वित्तीय सहायता तथा आदि के लिए अनुरोध कर सकता है। अनुरोध प्राप्त होने पर उसे एसएमएस भेजा जाएगा और उसे निर्धारित समय पर सेवा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति इस एप पर आवश्यकता के अनुसार पके हुए भोजन या राशन की मांग कर सकते हैं। मोबाइल ऐप डेटाबेस के साथ जांच करता है और अगर व्यक्ति का किसी भी राज्य डेटाबेस में नाम नहीं मिलता है तो वह एक संकट राशन टोकन मिलेगा और उसके निकटतम उचित मूल्य की दुकान पर मैप किया जाएगा। यह तो टोकन केवल 3 महीने के लिए मिलेगा। जरुरतमंद व्यक्ति उचित मूल्य की दुकान पर जाकर इसे दिखा सकता है और ओपीएच (बीपीएल के अलावा अन्य प्राथमिकता वाले घरों) के समान राशन मुफ्त में प्राप्त कर सकता है। पके हुए भोजन के मामले में इसका मूल्यांकन किया जाएगा और अगर प्रार्थी वास्तव में जरूरतमंद है और उसके पास खाने बनाने के लिए ईंधन इत्यादि की व्यवस्था नहीं है तो जिला प्रशासन या सामाजिक संगठनों के माध्यम से नागरिक तक पका खाना पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से चिकित्सा से सम्बन्धी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है और डाक्टर की सलाह के अनुसार अपनी सेहत का ध्यान भी रखा जा सकता है। अगर कोई जरुरतमंद व्यक्ति किसी भी राहत शिविर में आश्रय के लिए अनुरोध करेगा तो उसे नजदीकी राहत शिविर में भिजवा दिया जाएगा, वित्तीय सहायता भी मांग सकता है। आधार कार्ड के आधार पर मौजूदा डेटाबेस के साथ मोबाइल ऐप की जांच होगी और अगर नागरिक को पहले कोई वित्तीय लाभ नहीं मिला है तो नागरिक पंजीकरण कर सकता है और पात्रता की जांच के बाद आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, नागरिक नियोक्ताओं से पारिश्रमिक / मासिक मजदूरी का भुगतान न करने के संबंध में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला श्रम अधिकारी को भेजा जाएगा। किसान इस ऐप का उपयोग करके किसी भी मंडी में अपनी फसल की उपज बेचने के लिए एक स्लॉट (समय) बुक कर सकते हैं। इससे मंडियों में सामाजिक दूरियां बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से आमजन डाक बैंक सेवा के माध्यम से बैंक स्लॉट (नकद जमा / निकासी सीमित राशि) या घर पर नकद वितरण के लिए अनुरोध कर सकते हैं। नागरिक किसी भी आवश्यक सेवा जैसे चिकित्सा कारणों, परिवार में मृत्यु आदि के लिए के लिए अनुरोध कर सकते हैं। उद्योगों और दुकानों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध है। जो कोई भी अपने संसाधनों व श्रम का योगदान करके लोगों की मदद करना चाहता है वह पंजीकरण कर सकता है। यदि कोई भी परिवार अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पका हुआ भोजन या राशन उपलब्ध कराने में रुचि रखता है तो वे अपना योगदान दर्ज करवा सकते हैं। इच्छुक छात्र स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के लिए सीखने के संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। इस ऐप की एक खास बात यह है कि यह जियो टैग आधारित है।

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