स्मार्ट लाइट प्रोजेक्ट में शामिल हुई 4 कंपनिया, दिखाया अपना अपना प्रेजेंटेशन अगले 6 महीनो में करनाल शहर की सड़कों पर होंगी स्मार्ट लाईटें

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 8 सितम्बर, शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कदम दर कदम भिन्न-भिन्न प्रोजेक्ट्स को सिरे चढ़ाने के लिए तेजी से काम हो रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में उपायुक्त एवं केएससीएल के सीईओ निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट स्मार्ट लाईट पर काम करने के लिए 4 कम्पनियों ने अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन देकर बताया कि वे करनाल शहर में स्मार्ट लाईटों को लेकर क्या-क्या करेंगे। इनमें देश-विदेश की नामी कम्पनियां सूर्या रोशनी लिमिटेड, वर्चूसो ऑपटो इलैक्ट्रोनिक्स प्राईवेट लिमिटेड, एल.एन. एंटरप्राईसिज़ तथा टैक केबल प्राईवेट लिमिटेड शामिल थी।

सीईओ के अनुसार स्मार्ट लाईट प्रोजेक्ट की टैक्रीकल बिड के बाद आज प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन कम्पनियों का प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट देखकर आंकलन किया गया, जिसमें इनकी विशेषताओं का अंदाजा लगाकर देखा गया कि कौन सी कम्पनी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिए सक्षम है या नहीं। उन्होंने बताया कि जो भी कम्पनी क्वालिफाई करेगी, उसे ही फाईनेंशियल बिड में बुलाया जाएगा और इसमें करीब एक सप्ताह लगेगा। फिर वर्क ऑडर होगा।

पहले कम्पनी शहर की सड़कों, जिन पर लाईटें लगाई जानी हैं, का सर्वे करेगी, जो 6-7 सप्ताह में पूरा होगा और इसके 5-6 महीने में शहर में स्मार्ट लाईटें लगाने का काम मुकम्मल हो सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रेजेंटेशन में शामिल कम्पनियों ने बताया कि वे देश से बाहर और देश के जयपुर, नागपुर, विशाखापट्टनम, अकोला, उज्जैन तथा गांधी नगर जैसे स्मार्ट सिटी में काम कर चुके हैं।

प्रोजेक्ट में क्या होगा विशेष- इस बारे उपायुक्त एवं सीईओ ने बताया कि स्मार्ट लाईट प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में करीब 25 हजार स्मार्ट लाईट लगेंगी। रात्रि के समय शहर की सड़कें दूधिया रोशनी से जगमगाएंगी, रात्रि में दिन जैसा नजारा होगा। कम्पनी लाईट के लिए केबल लगाएगी, जहां जरूरत होगी नए पोल भी लगाए जाएंगे। लाईटों का कंट्रोल सोफ्टवेयर से होगा।

खास बात यह है कि 90 वाट से ऊपर की एक-एक लाईट का इंडिविजूअल कंट्रोल भी रहेगा, जिससे एनर्जी सेव होगी, यानि लाईट की जितनी जरूरत होगी, उतनी पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शैड्यूल के हिसाब से टाईम होते ही लाईटें जगने लगेंगी, ज्यों-ज्यों रात्रि के पहर होंगे, लाईटें डिम होती जाएंगी और भौर होते ही अपने-आप बंद हो जाएंगी। सड़क अनुसार अलग-अलग व पर्याप्त वाट की लाईटें लगेंगी।

यह रही कम्पनियों की प्रेजेंटेशन- प्रेजेंटेशन में सभी कम्पनियों ने प्रोजेक्ट की प्लानिंग, सर्वे, सड़कों की मैपिंग, कम्पलेंट सेंटर, रिप्लेसमेंट ऑफ वाटेज, टाईम लाईन, स्मार्ट कंट्रोल व मॉनिटरिंग, रिप्लेसमेंट ऑफ स्ट्रीट लाईट, पोटेंशियल ऑफ रिस्क और मिटिगेशन स्ट्रैटिजिज, एनर्जी सेविंग तथा ऑप्र्रेशन एंड मेन्टेनेन्स जैसे फीचर दिखाए। बीच-बीच में उपायुक्त एवं पीएमसी द्वारा सवाल-जवाब किए जाते रहे। प्रत्येक प्रेजेंटेशन में करीब आधे घण्टे का समय लगा। इसके पश्चात उपायुक्त ने शहर में जाकर कम्पनियों का स्मार्ट लाईट को लेकर ऑडिटोरियम ऑफिस और फिल्ड में जाकर डैमोस्ट्रेशन देखा।

प्रेजेंटेशन के दौरान सीईओ के साथ यूएलबी मुख्यालय के चीफ आर्किटैक्चर के.के. वर्षने, नगर निगम के चीफ इंजीनियर रामजी लाल, एस.ई. दीपक किंग्गर, डीएमसी धीरज कुमार, एक्स यूएचबीवीएन धर्म सुहाग, पीएमसी प्रवीन झा, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा भी मौजूद रहे।

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