नशे के बड़े कारोबार पर जींद पुलिस की करारी चोट !

जींद : बीड़ी व सिगरेट के तम्बाकू में मिलाकर या पाइप से सीधे सांस के साथ खींचकर जिस चरस से नशा किया जाता है, उसकी जींद में सप्लाई हिमाचल प्रदेश और नेपाल से हो रही है। जींद पुलिस नशे के इस कारोबार पर अब करारी चोट कर रही है। नशे के सामान की सप्लाई करने वालों की सूचना देने के लिए जींद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाया है। इसी तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर जिले में पिछले 15 दिनों के दौरान नशे के सामान की सप्लाई करने वाले 8 तस्करों को काबू कर पुलिस ने उनसे 19 किलो चरस बरामद की है।

जींद जिले में पिछले 15 दिनों के दौरान जो 19 किलो चरस बरामद हुई है, वह हिमाचल प्रदेश और नेपाल से लाई जा रही थी। चरस की सप्लाई करते जो 8 तस्कर काबू किए गए हैं, उनमें 7 तस्कर जींद जिले के हैं जबकि एक तस्कर हिमाचल प्रदेश का है। इससे साफ है कि चरस की सप्लाई हिमाचल प्रदेश से ज्यादा हो रही है और इसमें हिमाचल प्रदेश में सक्रिय नशे के सामान के सौदागरों के साथ-साथ जींद जिले में नशे का सामान सप्लाई करने वाले लोकल लोग भी शामिल हैं। लोकल लोगों की मदद चरस को उन लोगों तक सप्लाई करने में ली जा रही है, जो गांवों में नशा बेचने का काम करते हैं।

इन लोगों की तरफ से ही चरस की डिमांड सप्लायरों को भेजी जाती है। सप्लायर आगे हिमाचल प्रदेश और नेपाल में बैठे बड़े सप्लायरों से नशे की खेप का इंतजाम करने के लिए कहते हैं। नशे के सामान के इस नैटवर्क की जड़ें उखाडऩे के लिए जींद पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाया है। यह पुलिस के मजबूत हुए मुखबिर तंत्र द्वारा दी गई जानकारियों का ही नतीजा है कि 15 दिन में चरस के 8 सप्लायर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं और उनसे पुलिस ने 19 किलो चरस बरामद की है। बाजार में इस 19 किलो चरस की कीमत 25 लाख रुपए से ज्यादा आंकी जा रही है।

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