राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतिम दिन आईटीआई में हुआ समापन कार्यक्रम, छात्रों को सड़क सुरक्षा का संदेश देकर किया जागरूक।

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 17 फरवरी, उपायुक्त करनाल निशांत कुमार यादव ने बताया कि सड़क सुरक्षा उपायों के प्रचार-प्रसार से दुर्घटनाओं में करीब 15 से 20 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन अभी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि यातायात के नियमों का सही-सही पालन हो और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उपायुक्त बुधवार को शहर के बाबू मूल चंद जैन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में राजकीय सड़क सुरक्षा माह के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों से रूबरू थे।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक अति महत्वपूर्ण विषय है, पहले इसे एक सप्ताह के रूप में मनाया जाता था और अब 18 जनवरी से 17 फरवरी तक एक माह के रूप में मनाया गया। जाहिर है कि इसका महत्व और बढ़ गया है। वास्तव में सड़क पर जिस तरह से लापरवाही के चलते दुर्घटनाएं हो रही हैं, उनमें सड़कें नहीं व्यक्ति या वाहन चालक स्वयं कसूरवार है। ओवर स्पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाना और ट्रैफिक नियमों की जानकारी न होना संभवत: इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि बचाव के नियमों की सही जानकारी से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आज समाप्त हो रहे माह के दौरान आरटीए कार्यालय द्वारा पुलिस के सहयोग से, साईकिल रैली, नाटक और अन्य गतिविधियां की गई, उनसे संकेत मिले हैं कि दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है और सड़क सुरक्षा का संदेश जिला के हर व्यक्ति, हर घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

विद्यार्थियों को नियमों का पाठ पढ़ाया

कार्यक्रम में उपायुक्त ने उपस्थित आईटीआई छात्रों को नियमों का पाठ पढ़ाया। ड्राईविंग लाईसेंस बनवा लेने पर भी सवाल किया और कहा कि जिन्होंने अभी तक नहीं बनवाया वे इसके टैस्ट की औपचारिकताएं मन लगाकर पूरी करें। विकसित देशों की तरह डीएल के महत्व को समझें। अभी भी काफी युवाओं को रूल रेगूलेशन की जानकारी नहीं है। सड़क सुरक्षा को लेकर कईं तरह के नियम व संकेतक हैं, उनकी जानकारी जरूर रखें। उन्होंने बताया कि समय-समय पर होने वाले अध्ययनों से पता चलता है कि चालान जैसी दंडात्मक कार्यवाही से किसी भी नियमों का उतना असर नहीं होता, जितना जागरूकता फैलाने से होता है।

सड़क सुरक्षा पर सरकार भी दे रही ध्यान

उपायुक्त ने बताया कि सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने को लेकर सरकार भी काफी ध्यान दे रही है। उन्होंने छात्रों को बताया कि स्मार्ट सिटी के एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट आईसीसीसी के तहत शहर के 29 चौंक चौराहों पर कैंटीलीवर पोल लगाए गए हैं जिन पर अलग-अलग तरह के करीब 400 सीसीटीवी कैमरे फिट किए गए हैं, जो सड़क पर चलते समय रैड लाईट जम्पिंग, ओवर स्पीडिंग तथा बिना हैल्मेट वाहन चलाने जैसे उल्लंघन होने की हर गतिविधि को कैप्चर करेंगे जिसका डिस्पले सैक्टर 12 स्थित एमसी बिल्डिंग के दूसरे तल पर बने आईसीसीसी की वीडियो वॉल पर दिखाई देगा।

अत्याधुनिक कैमरों से वॉयलेशन के लिए ऑटोमैटिक चालान होंगे जो डाक से घर जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पोलों पर पब्लिक एड्रैस सिस्टम और एमरजेंसी कॉल बॉक्स भी लगाए गए हैं, जिनके बटन प्रैस करते ही किसी भी घटना का अलर्ट आईसीसीसी में चला जाएगा। उसके बाद उसके समाधान को लेकर कार्यवाही होगी। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन महीनों में चालान की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। इन उपायों से चंडीगढ़ व दिल्ली जैसे नगरों की तहत ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसी प्रोजैक्ट के तहत शहर की 35 जगहों पर बड़े-बड़े डिस्पले बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, इनके माध्यम से भी रोड सेफ्टी का संदेश दिया जाएगा।

यमराज जीवनदान योजना डॉट कॉम नाटक की सुंदर प्रस्तुति

कार्यक्रम में शुरूआत समिति के कलाकारों की ओर से उक्त नाटक की सुंदर प्रस्तुति की गई। करीब 10 मिनट के नाटक में शामिल सभी पात्रों ने पेशेवर कलाकारों की तरह अभिनय का निर्वाह किया। नाटक में दिखाया गया कि किस तरह दुर्घटनाओं में अकाल मृत्यु पाने वाले जीवों की लापरवाही को देख स्वयं यमराज भी चिंता में पड़ जाते हैं और पृथ्वी लोक में आकर इसका कारण ढूंढते हैं, तो मालूम पड़ता है कि शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवर स्पीड, हैल्मेट न पहनना, सड़क पर चलते समय मोबाईल पर बात करने जैसी बातों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में जीवों की मृत्यु हो रही हैं।

यदि लोग अपनी सुरक्षा का ध्यान रखेंगे तो मौतों में काफी कमी लाई जा सकती है। वास्तव में आज सड़कों पर यातायात से ज्यादा दुर्घटनाओं में घायल या मरने वालों के रक्त का ज्यादा संचार हो रहा है। नाटक में कलाकार दर्शकों को हंसाकर अपना संदेश देने में कामयाब रहते हैं। लेखक की ओर से नाटक की कथावस्तु को सरल और स्थानीय भाषा में लेकर समझदारी की गई है, जो दर्शकों पर सीधा प्रभाव डालती है।

आरटीए के निरीक्षक जोगिन्द्र ढुल ने किया धन्यवाद ज्ञापित

कार्यक्रम में आरटीए कार्यालय के निरीक्षक जोगिन्द्र ढुल ने उपायुक्त, आईटीआई के प्राचार्य व उनकी टीम तथा नाटक के कलाकारों का समापन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और युवाओं से अपील की कि वे सड़क पर चलते समय सुरक्षा उपायों को अपनाने की शपथ लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि नाटक और भाषण से जो कुछ भी जानकारी दी गई है उस संदेश को स्वयं भी और दूसरों तक पहुंचाने का काम करें।

कार्यक्रम में आईटीआई प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार, रोड सेफ्टी आर्गेनाईजेशन के जिला प्रधान जेआर कालड़ा, उप पुलिस अधीक्षक व ट्रैफिक निरीक्षक, वरिष्ठï अनुदेशक जसविन्द्र संधू, हरियाण विद्युत प्रसारण निगम के चीफ पीआरओ राजीव रंजन भी मौजूद रहे।

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