फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच जल्द चलेगी मेट्रो रेल, तीन रूट होंगे, जानें कौन से स्टेेशन होंगे

Advertisement

------------- Advertisement -----------

नई दिल्ली । हरियाणा के दो बड़े औद्योगिक शहरों फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच मेट्रो रेल का सपना जल्‍द साकार होगा। हरियाणा के इन दो प्रमुख शहरों की मेट्रो रेल कनेक्टिविटी के लिए काम शुरू करने की प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने औद्योगिक नगरी के लिए 2015 में यह सबसे पहले बड़ी परियोजना की घोषणा की थी। अब पांच साल बाद इस परियोजना की (डीपीआर) तैयार हो चुकी है।

पिछले साल तैयार की गई डीपीआर से काफी अलग है संशोधित डीपीआर

Advertisement

यह नई डीपीआर पिछले साल मई माह में राज्य सरकार द्वारा बताई गई डीपीआर से अलग है। इसमें काफी बड़े बदलाव किए गए हैं। इस डीपीआर को लॉकडाउन से पहले मार्च 2020 में अंतिम रूप दिया गया मगर गत सप्ताह इस रिपोर्ट पर विधानसभा की लोक उपक्रमों संबंधी कमेटी की बैठक में चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दोनों शहरों के बीच कनेक्टविटी की 2015 में बल्लभगढ़ में की थी पहली बड़ी घोषणा

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव अपूर्व कुमार सिंह ने इसका विस्तृत विवरण रखा। जनवरी 2017 में तैयार हुई डीपीआर में इस मेट्रो रेल लाइन के लिए तीन रूट ट्रैफिक के आधार पर तय किए गए थे। इनमें से पहले या दूसरे की बजाए अब तीसरे रूट को अंतिम रूप से तय किया गया है। इस रूट में आठ मेट्रो स्टेशन होंगे, जिनमें से दो अंडरग्राउंड और छह एलीवेटिड लाइन डलेंगी।

नई डीपीआर में बाटा चौक से अंडरग्राउंड अरावली गोल्फ कोर्स होते हुए बडख़ल एन्क्लेव से गुरुग्राम पहुंचेगी मेट्रो

बाटा चौक से गोल्फ कोर्स रोड तक दो लाइन अंडरग्राउंड लाइन होंगी। हालांकि मेट्रो लाइन की लंबाई पर इस रूट परिवर्तन से कोई असर नहीं पड़ा है। लंबाई 30.38 ही रहेगी मगर इस बड़े बदलाव की वजह से मेट्रो की लागत में जरूर अंतर आ रहा है। 2017 में रूट एक व दो के आधार पर बनाई गई डीपीआर से नई डीपीआर की लागत 449 करोड़ रुपये अधिक है।

इस डीपीआर में भूमि अधिग्रहण और रेल लाइन की लागत है। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन की लागत व टैक्स आदि लगाकर जो मेट्रो लाइन 2017 में 5900 करोड़ रुपये में तैयार होनी थी वह अब नई डीपीआर में 6900 करोड़ की लागत पर पहुंच गई है। नई डीपीआर के अनुसार का काम 2023 तक पूरा होगा।

मुख्य बिंदु

  • कुल आठ मेट्रो स्टेशन बनेंगे।
  • दो मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड और छह एलीवेटिड होंगी।
  • नई डीपीआर की लागत करीब 1000 करोड़ रुपये बढ़ी।
  • 2017 में डीपीआर 5900 करोड़ रुपये की थी।
  • 2020 में डीपीआर 6900 करोड़ रुपये की तैयार की गई है।
  • नई डीपीआर में एनआइटी से जुड़ाव नहीं होगा।

जनवरी 2017 में तैयार किए गए थे तीन रूट

रूट-एक-

  • गुरुग्राम, सेक्टर-45
  • सुशांत,सेक्टर-54
  • मांडी
  • पुलिस चौकी मांगर
  • पाली स्टोन क्रशर जोन
  • बडख़ल एन्क्लेव
  • प्याली चौक
  • बाटा चौक

रूट दो-

  • सिंकरपुर मेट्रो स्टेशन
  • डिपोट स्टेशन
  • मांडी
  • पुलिस चौकी मांगर
  • पाली स्टोन क्रशर जोन
  • बडख़ल एन्क्लेव
  • प्याली चौक
  • बाटा चौक

रूट तीन-

  • वाटिका चौक,सेक्टर-56
  • मांडी
  • पुलिस चौकी मांगर
  • पाली स्टोन क्रशर जोन
  • बडख़ल एन्क्लेव
  • अरावली गोल्फ कोर्स
  • बाटा चौक, फरीदाबाद

नई डीपीआर में एनआइटी से सीधा जुड़ाव नहीं

मेट्रो की नई डीपीआर में एनआइटी विधानसभा क्षेत्र से सीधा जुड़ाव नहीं होगा। रूट एक और दो में प्याली चौक से सैनिक कॉलोनी होते हुए गुरुग्राम मार्ग पर मेट्रो रेल लाइन जानी थी मगर अब यह लाइन बाटा चौक से सीधे फरीदाबाद स्थित अरावली गोल्फ कोर्स होते हुए सैनिक कॉलोनी (बडख़ल एन्क्लेव) से गुरुग्राम मार्ग पर जाएगी।

एनआइटी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने नए रूट पर आपत्ति जताई है। नीरज के अनुसार यह मेट्रो लाइन यदि एनआइटी क्षेत्र में प्याली चौक होते हुए जाती तो तीन फायदे होते। एक तो अरावली गोल्फ कोर्स का पर्यावरण खराब नहीं होता। अंडरग्राउंड लाइन डालने से करीब एक हजार करोड़ रुपये परियोजना की लागत बढ़ रही है। तीसरे प्याली चौक मेट्रो स्टेशन से बल्लभगढ़ और एनआइटी विधानसभा क्षेत्र के करीब दस लाख लोग सीधे कनेक्ट हो सकते थे।

Advertisement